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गंगा की सफाई के लिए यह देश देगा लोन, उत्तराखंड में होगा काम

जर्मनी गंगा नदी की सफाई के प्रयासों के तहत भारत को 12 करोड़ यूरो का सस्ता लोन दे रहा है. लोन की इस राशि से उत्तराखंड में नालों के पानी का शोधन करने का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा.

गंगा की सफाई के लिए यह देश देगा लोन, उत्तराखंड में होगा काम

नई दिल्ली : जर्मनी गंगा नदी की सफाई के प्रयासों के तहत भारत को 12 करोड़ यूरो का सस्ता लोन दे रहा है. लोन की इस राशि से उत्तराखंड में नालों के पानी का शोधन करने का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. जर्मनी के प्रभारी राजदूत जैस्पर विएक ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी दी. जर्मनी के दूतावास द्वारा किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए विएक ने कहा कि इस परियोजना में करीब 360 किलोमीटर तक नालों के स्ट्रक्चर को बदलना और इनको एक्पेंड किया जाना शामिल है.

13 पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे
इस परियोजना के तहत घरों को नाले से जोड़ने और करीब 1.50 करोड़ लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला जलशोधन संयंत्र बनाना भी शामिल है. इसके अलावा 13 पंपिंग स्टेशन बनाना भी इसका हिस्सा है. विएक ने कहा, 'इस परियोजना का उद्देश्य गंगा नदी में गंदा पानी गिरने से रोकना और नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार करना है.'

गंगा बुक को तैयार किया गया
उन्होंने कहा कि जर्मनी की विकास समर्पित एजेंसी जीआईजेड ने गंगा बुक तैयार किया है जो विद्यालय जाने वाले बच्चों को नदी के बारे में सूचित करने के लिए लक्षित है. जीआईजेड के परियोजना समन्वयक विक्रांत त्यागी ने कहा कि जब डैन्यूब नदी को साफ किया जा रहा था तब डैन्यूब बुक तैयार किया गया था. इसी तर्ज पर गंगा बुक तैयार किया गया है.

गंगा बुक में पौराणिक, सामाजिक-सांस्कृतिक सूचनाएं तथा नदी के आर्थिक महत्व की जानकारियां होंगी तथा इसमें प्रदूषण फैलाने से बचने जैसे नदी में प्लास्टिक फेंकने से बचना आदि का सुझाव दिया जाएगा. त्यागी ने कहा, ‘‘इसका लक्ष्य नदियों के प्रति लोगों का व्यवहार बदलना है. हमने उत्तराखंड के एक सरकारी विद्यालय में इसका प्रयोग किया गया है तथा इसे अब राज्य भर के विद्यालयों में दोहराने की योजना है.’’