3 हफ्ते तक आसमान छूने के बाद सोना हुआ सस्‍ता, चांदी भी पड़ी नरम

ऊंचे भाव पर लिवाली घटने और मुनाफावसूली बढ़ने के कारण सोने और चांदी की एक बार फिर चमक फीकी पड़ गई है.

3 हफ्ते तक आसमान छूने के बाद सोना हुआ सस्‍ता, चांदी भी पड़ी नरम

मुंबई: ऊंचे भाव पर लिवाली घटने और मुनाफावसूली बढ़ने के कारण सोने और चांदी की एक बार फिर चमक फीकी पड़ गई है. सोने का दाम करीब तीन सप्ताह की उंचाई से फिसला है. घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार को चांदी के भाव में करीब दो फीसदी की गिरावट आई. अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने और चांदी में नरमी देखी जा रही है. सर्राफा बाजार विशेषज्ञों ने बताया कि चीन में त्योहारी मांग कमजोर रहने और डॉलर में मजबूती आने से महंगी धातुओं के दाम में गिरावट आई है.

भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के फरवरी अनुबंध में मंगलवार को रात 20.22 बजे पिछले सत्र के मुकाबले 168 रुपये की नरमी के साथ 40,417 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था जबकि सोमवार को सोने का भाव 40,810 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला था जोकि करीब तीन सप्ताह के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. इससे पहले आठ जनवरी को सोने का भाव एमसीएक्स पर 41,293 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चला गया था.

एमसीएक्स पर चांदी के मार्च अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 824 रुपये यानी 1.75 फीसदी की कमजोरी के साथ 46,181 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था जबकि कारोबार के दौरान चांदी का भाव 46,032 रुपये प्रति किलो तक फिसला. वहीं, भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को 24 कैरट शुद्धता के सोने का भाव 40,565 रुपये प्रति 10 ग्राम था जबकि एक दिन पहले सोमवार को 40,814 रुपये प्रति 10 ग्राम था.

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने के फरवरी अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 4.25 डॉलर यानी 0.27 फीसदी की कमजोरी के साथ 1,573.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था. इससे पहले सोमवार को सोने का भाव कॉमेक्स पर 1,585.75 डॉलर प्रति औंस तक उछला जोकि आठ जनवरी के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है जब सोने का भाव 1,613.30 डॉलर प्रति औंस चला गया था. कॉमेक्स पर चांदी के मार्च अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 2.34 फीसदी की गिरावट के साथ 17.63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था.

केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि मुनाफावसूली के कारण बुलियन में गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि भारत में जिस तरह दिवाली पर सोने और चांदी में जोरदार खरीदारी होती है उसी प्रकार चीन में न्यू ईयर पर खरीदारी होती है, लेकिन कोरोना वाइरस के प्रकोप के कारण चीन में महंगी धातुओं की मांग ढीली पड़ गई. वहीं, फेड की बैठक से पहले दुनिया के छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचक डॉलर इंडेक्स में तेजी आई है जिसका बुलियन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. इसके अलावा, इक्विटी बाजार में तेजी लौटने से भी सोने की मांग पर असर पड़ा है.

(इनपुट: आईएएनएस)