शेल कंपनियों पर फिर कार्रवाई करेगी सरकार, बंद होंगी 2.25 लाख कंपनियां!

नोटबंदी के बाद सरकार के रडार पर आई शेल कंपनियों पर कार्रवाई अब और तेजी होने वाली है. सरकार काले धन पर रोक लगाने के लिए शेल कंपनियों के खिलाफ एक और मुहिम शुरू करने वाली है.

शेल कंपनियों पर फिर कार्रवाई करेगी सरकार, बंद होंगी 2.25 लाख कंपनियां!

नई दिल्ली : नोटबंदी के बाद सरकार के रडार पर आई शेल कंपनियों पर कार्रवाई अब और तेजी होने वाली है. सरकार काले धन पर रोक लगाने के लिए शेल कंपनियों के खिलाफ एक और मुहिम शुरू करने वाली है. सरकारी एजेंसियों ने इस बार 2 लाख 25 हजार 910 शेल कंपनियों की पहचान की है. इन कंपनियों में 7191 एलएपी कंपनियां भी शामिल हैं. सरकार की तरफ से इस साल इन सभी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है. वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को टॉस्क फोर्स को शेल कंपनियों पर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया है.

2019 में किया जा सकता है डि-रजिस्टर
एसएफआईओ की तरफ से शेल कंपनियों की सूची तैयार कर ली गई है. वित्त वर्ष 2019 में इन कंपनियों को डि-रजिस्टर किया जा सकता है. इससे पहले फाइनेंशियल ईयर 2018 में सरकार की तरफ से 2.26 लाख शेल कंपनियों का नाम हटा चुकी है. गौरतलब है कि फरवरी 2017 में पीएमओ ने रेवेन्यू सेक्रेटरी और मिनिस्ट्री ऑफ कंपनी अफेयर्स के सेक्रेटरी को मिलाकर शेल कंपनियों की पहचान के लिए टॉस्क फोर्स का गठन किया था.

टास्क फोर्स कार्रवाई की तैयारी कर रही
एसएफआईओ को शेल कंपनियों के बारे में मिली जानकारी के आधार पर टास्क फोर्स कार्रवाई की तैयारी कर रही है. अब टास्क फोर्स इन कंपनियों की पहचान कर रही है. कॉरपोरेट मंत्रालय को बैंकों से जो डिटेल्स मिली हैं उनमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. नोटबंदी के दौरान इन शेल कंपनियों के जरिए मोटी ट्रांजेक्शन की गई थीं. बाद में इन कंपनियों की मदद से ही नोटबंदी के वक्त बैंकों में जमा की गई पूरी राशि निकाल ली गई.

2.26 लाख कंपनियां की गई थी निरस्त
इससे पहले भी शेल कंपनियों को लेकर लगातार जानकारी सामने आई हैं. कुछ महीने पहले ही सरकार ने 2.97 लाख कंपनियों को नोटिस भेजा था. यह सभी कंपनियां शेल कंपनियां हैं. यह सभी कंपनियां नॉन कंपलायंस पाई गई थीं. हालांकि, इनमें से कुछ कंपनियों ने बाद में कंपलायंस पूरा कर लिया. बाद में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने 2.26 लाख कंपनियों को निरस्त कर दिया था.

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