Budget 2020: इनकम टैक्स और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में यह बदलाव कर सकती है सरकार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी बनाने के लिए देश की कंपनियों का विकास जरूरी है. इसी के लिए केंद्र सरकार अब अपने मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट को गैर-आपराधिक श्रेणी में लाने का फैसला कर चुकी है.

Budget 2020: इनकम टैक्स और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में यह बदलाव कर सकती है सरकार
प्रतीकात्मक तस्वीर....

नई दिल्ली: बजट 2020 में केंद्र सरकार कंपनियों के लिए राहत लेकर आ रही है. केंद्र सरकार अब मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (Prevention of Money Laundering Act) के तहत आपराधिक मामले खत्म कर देगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से व्यापार करने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन मिलेगा.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी बनाने के लिए देश की कंपनियों का विकास जरूरी है. इसी के लिए केंद्र सरकार अब अपने मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट को गैर-आपराधिक श्रेणी में लाने का फैसला कर चुकी है. मौजूदा एक्ट को डिक्रिमिनिलाइज करने, कर विवादों को खत्म करने और सरकारी संस्थाओं का निजीकरण, सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री ने आगे बताया कि सरकार कंपनी एक्ट को बारीकी से जांच रही है. देश में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए ही सरकार ये कदम उठा रही है. 

मामले से जुड़े अधिकारी ने बताया कि सरकार देश में उद्योगो को प्रोत्साहन देने के लिए ही दोनो ही कंपनी एक्ट्स को गैर-आपराधिक श्रेणी में लाना चाहती है. इसके तहत 46 प्रावधानों में से आपराधिक शब्द हटा दिए जाएंगे. सरकार चाहती है कि इनकम टैक्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सिर्फ जुर्माने का प्रावधान ही हो. 

उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर से कंपनियों के हित में फैसला बजट से ठीक पहले आ रहा है. 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री 2020-2021 के लिए बजट पेश करेंगी. उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान कंपनी एक्ट पर नए कदम का भी जिक्र होगा. इससे पहले खुद प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी भी बयान दे चुके हैं कि देश में बिजनेस करने को शक की निगाह से न देखा जाए. साथ ही उन्होने कहा था कि कंपनियों को फलने-फूलने के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी.