Job बदलने पर Gratuity भी होगी ट्रांसफर? सैलरीड कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, जल्द हो सकता है लागू

Gratuity Transfer: नौकरी बदलने पर जिस तरह से EPF अकाउंट एक कंपनी से दूसरी कंपनी में ट्रांसफर हो जाता है, उसी तरह से अब आपकी ग्रेच्युटी (Gratuity) की रकम भी नौकरी बदलने पर ट्रांसफर हो जाएगी.

Job बदलने पर Gratuity भी होगी ट्रांसफर? सैलरीड कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, जल्द हो सकता है लागू

नई दिल्ली: Gratuity Transfer: नौकरी बदलने पर जिस तरह से EPF अकाउंट एक कंपनी से दूसरी कंपनी में ट्रांसफर हो जाता है, उसी तरह से अब आपकी ग्रेच्युटी (Gratuity) की रकम भी नौकरी बदलने पर ट्रांसफर हो जाएगी. केंद्र सरकार सैलरीड क्लास के लिए जल्द ही ये नया नियम लेकर आने वाली है. 

Gratuity भी हो सकेगी ट्रांसफर 

इसके लिए केंद्र सरकार, कर्मचारी यूनियन और इंडस्ट्री के बीच मौजूदा ग्रैच्युटी स्ट्रक्चर में बदलाव पर सहमति बन गई है. अब ग्रैच्‍युटी ट्रांसफर को सोशल सिक्योरिटी कोड (Social Security Code) से जुड़े नियमों में शामिल किया जाएगा. Moneycontrol में छपी खबर के मुताबिक सरकार-यूनियन और इंडस्ट्री के बीच मौजूदा ग्रैच्युटी स्ट्रक्चर में बदलाव पर सहमति बन गई है और इसे सोशल सिक्योरिटी कोड से जुड़े नियमों में शामिल किया जाएगा.

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Gratuity पोर्टेबिलिटी बनी सहमति 

Moneycontrol के मुताबिक अब PF की तरह ग्रैच्युटी ट्रांसफर का भी विकल्प मिलेगा. ग्रैच्युटी पोर्टेबिलिटी पर इंडस्ट्री-यूनियन में सहमति होने को बाद नौकरी बदलने पर PF की तरह ग्रैच्युटी भी ट्रांसफर होगी. PF की तरह मासिक ग्रेच्युटी कंट्रीब्यूशन पर भी सहमति बन गई है.

वर्किंग डे बढ़ाने पर राजी नहीं

Moneycontrol में छपी खबर में कहा गया है कि सूत्रों के मुताबिक श्रम मंत्रालय-यूनियन-इंडस्ट्री की बैठक में ये सहमति बनी है. ग्रैच्युटी को CTC का जरूरी हिस्सा बनाने का भी प्रस्ताव है. ये प्रावधान सोशल सिक्योरिटी कोड के नियम में शामिल होगा. सूत्रों के मुताबिक इस पर अंतिम नोटिफिकेशन अगले महीने आ सकता है. हालांकि ग्रेच्युटी के लिए वर्किंग डे बढ़ाने पर इंडस्ट्री सहमत नहीं है. यानी इंडस्ट्री ग्रेच्युटी के लिए वर्किंग डे 15 दिन से 30 दिन करने के प्रस्ताव पर सहमत नहीं है.

क्या होती है ग्रेच्युटी?

किसी कंपनी में लगातार कई साल तक काम करने वाले कर्मचारी को सैलरी, पेंशन और प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) के अलावा जो पैसा मिलता है, उसे ग्रेच्युटी (Gratuity Payment) कहते हैं. इसका एक छोटा सा हिस्सा कर्मचारी (Employee) की सैलरी से कटता है, लेकिन ग्रेच्युटी का बड़ा हिस्सा कंपनी अपनी तरफ से देती है. ग्रेच्युटी की रकम दो बातों पर निर्भर है. पहली तो यह कि उस कर्मचारी ने कितने साल तक काम किया है, दूसरी उसकी अंतिम सैलरी में बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता कितना है. 

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