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बिल्डरों के धोखे में न फंसे, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी बताएगी जमीन और बिल्डिंग वैध या अवैध

अगर आप ग्रेटर नोएडा में घर का जमीन खरीदना चाहते हैं तो हेल्पलाइन पर फोन कर के ये पता लगाया जा सकता है कि वो जमीन या बिल्डिंग वैध है या अवैध. अथॉरिटी ने ये हेल्पलाइन शाहबेरी मामले के बाद शुरू की है.

बिल्डरों के धोखे में न फंसे, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी बताएगी जमीन और बिल्डिंग वैध या अवैध
अथॉरिटी अवैध फ्लैट्स के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है. (फाइल)

नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा में फ्लैट या जमीन खरीदने जा रहे लोग बिल्डरों के धोखे में न फंसे इसके लिये ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने एक हेल्पलाइन शुरू की है. मकान खरीदने से पहले इस हेल्पलाइन पर फोन कर के ये पता लगाया जा सकता है कि वो जमीन या बिल्डिंग वैध है या अवैध. अथॉरिटी ने ये हेल्पलाइन शाहबेरी मामले के बाद शुरू की है. दरअसल ग्रेटर नोएडा के ही शाहबेरी में पिछले 9 दिनों से फ्लैट बायर्स धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि इनके फ्लैट्स को अवैध बता कर अथॉरिटी उस पर कार्रवाई करने की तैयारी में है.

यह हेल्पलाइन नंबर है 0120-2336033. ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में पिछले 9 दिनों से फ्लैट बायर्स धरने पर बैठे हैं, इनका कहना है कि जिन बिल्डिंग में इन लोगों ने फ्लैट लिये हैं, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक वो अवैध रूप से कानूनों का उल्लंघन कर के बनायी गयी है और उन पर कार्रवाई की जा सकती है. फ्लैट बायर्स का कहना है पिछले 3-4 साल से वो लोग यहां पर रह रहे हैं और उनके पास बकायदा फ्लैटों की रजिस्ट्री भी है. इतना ही नहीं इन मकानों पर बैंक ने लोन भी दिया इसके बावजूद अथॉरिटी इन फ्लैट्स को अवैध बताकर इन पर कार्रवाई करने की तैयारी करने जा रही है. 

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दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि फ्लैट की रजिस्ट्री करवा लेना इस बात की गारंटी नहीं होता कि वो बिल्डिंग वैध है. अथॉरिटी के मुताबिक शाहबेरी में ऐसी 431 बिल्डिंग हैं जो अवैध रूप से नियमों को ताक पर रख कर बनायी गयी हैं. इनमें से 423 बिल्डिंग रिहायशी और 8 कमर्शियल हैं. पिछले साल जुलाई के महीने में ही शाहबेरी में दो बहुमंजिला इमारतें गिर गयी थीं जिसमें 9 लोगों की मौत भी हो गयी थी. उस हादसे के बाद से ही यहां बिना अनुमति निर्माण पर रोक लगा दी गयी थी, इसके बावजूद यहां बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुए.

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अथॉरिटी एक एजेंसी से शाहबेरी में बनी बिल्डिंग्स की जांच करवाने जा रही है, साथ ही जो बिल्डिंग खतरनाक पाई जाएंगी उनको चिन्हित कर के उन पर खतरनाक बिल्डिंग का बोर्ड लगाया जाएगा. खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले नोएडा, ग्रेटर नोएडा और शाहबेरी के मामलों को लेकर एक मीटिंग की थी और अवैध रूप से बिल्डिंग बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिये थे.