जून, जुलाई में बढ़ा फिर अगस्त में क्यों गिरा GST कलेक्शन, वित्त मंत्री ने समझाई वजह

कोरोना संकट (coronavirus) की वजह से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा गई हैं. भारत भी इससे अछूता नहीं है. GDP के मोर्चे पर झटका खाने के बाद अब GST कलेक्शन पर भी वायरस का असर साफ दिख रहा है.

जून, जुलाई में बढ़ा फिर अगस्त में क्यों गिरा GST कलेक्शन, वित्त मंत्री ने समझाई वजह
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: कोरोना संकट (coronavirus) की वजह से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा गई हैं. भारत भी इससे अछूता नहीं है. GDP के मोर्चे पर झटका खाने के बाद अब GST कलेक्शन पर भी वायरस का असर साफ दिख रहा है. अगस्त में जीएसटी (GST) कलेक्शन 86,449 करोड़ रुपये रहा है, पिछले साल इसी महीने से तुलना करें तो ये 12 परसेंट कम है. क्योंकि पिछले साल अगस्त में GST कलेक्शन 98202 करोड़ रुपये रहा था

GST कलेक्शन में गिरावट
जुलाई 2020 में जीएसटी कलेक्शन 87422 करोड़ रुपये रहा था. यानी पिछले महीने के मुकाबले भी अगस्त में GST कलेक्शन गिरा है. यानी जुलाई की तुलना में अगस्त में सरकार को GST से 973 करोड़ रुपये कम आय हुई है. जुलाई से पहले जून में GST कलेक्शन 90,917 करोड़ रुपये का रहा था. यानि जून के मुकाबले अगस्त में GST कलेक्शन 14 परसेंट गिरा है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि जून में कलेक्शन बढ़ने के बाद अगस्त में GST कलेक्शन क्यों गिरा, वित्त मंत्रालय ने इसकी वजह समझाई है. 

अगस्त में क्यों गिरा GST कलेक्शन? 
1.
कोरोना की वजह से खपत और इंपोर्ट में भारी गिरावट रही
2. लॉकडाउन हटने के बाद जून GST कलेक्शन में तेजी आई, लेकिन ये खासकर पिछले महीने के बकाए और देरी वाले पेमेंट्स की वजह से रहा. क्योंकि रिटर्न फाइलिंग को आगे बढ़ा दिया गया था. 
3. एक बात ध्यान देने वाली ये भी है कि बहुत सारे टैक्सपेयर्स ने जून में फरवरी, मार्च और अप्रैल के टैक्स चुकाए थे. क्योंकि ये छूट कोरोना संकट की वजह से उन्हें दी गई थी 
4. इसके अलावा वित्त मंत्रालय की ओर से 5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले टैक्सपेयर्स को सितंबर 2020 तक टैक्स फाइलिंग से भी छूट मिली है
5. अगर देखा जाए तो अप्रैल से जुलाई के दौरान GST कलेक्शन में 34.5 परसेंट की गिरावट रही है

लक्ष्य से कम रहा GST कलेक्शन
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में जीएसटी कलेक्शन 86,449 करोड़ रुपये रहा है. इसमें से केंद्रीय जीएसटी (CGST) 15,906 करोड़ रुपये, राज्य GST (SGST) के तौर पर 21,064 करोड़ रुपये, इंटीग्रेटेड GST (IGST) 42,264 करोड़ रुपये रहा है. इसमें 19,179 रुपये गुड्स के आयात से और 7,215 करोड़ रुपये सेस से आए. सेस में गुड्स के आयात से मिले 673 करोड़ रुपये शामिल हैं.

आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली, प​श्चिम बंगाल, झारखंड और गोवा से जीएसटी कलेक्शन में गिरावट आई है. जबकि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और नगालैंड से जीएसटी की आमदनी बढ़ी है. हालांकि टैक्स एक्सपर्ट मानते हैं कि पिछले साल के मुकाबले 86 परसेंट टैक्स कलेक्शन बुरा नहीं है, बल्कि ये दिखाता है कि इकोनॉमिक रिकवरी हो रही है. जैसे जैसे आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी. GST कलेक्शन अपने लक्ष्यों के हिसाब से आने लगेगा. 

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