उबर कैब के सह-संस्थापक को रात में नहीं आती नींद

प्रतिस्पर्धा (कंपिटिशन) और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की धुन से दुनिया उबर कैब के सह संस्थापक और प्रमुख ट्राविस कलानिक को रातों को नींद नहीं आती। युवा अरबपति और दुनिया की सबसे समृद्ध स्टार्टअप कंपनियों में एक कलानिक भारतीय स्टार्टअप प्रणाली के नवोन्मेषण और सृजनात्मकता से काफी प्रभावित हैं।

उबर कैब के सह-संस्थापक को रात में नहीं आती नींद

नई दिल्ली: प्रतिस्पर्धा (कंपिटिशन) और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की धुन से दुनिया उबर कैब के सह संस्थापक और प्रमुख ट्राविस कलानिक को रातों को नींद नहीं आती। युवा अरबपति और दुनिया की सबसे समृद्ध स्टार्टअप कंपनियों में एक कलानिक भारतीय स्टार्टअप प्रणाली के नवोन्मेषण और सृजनात्मकता से काफी प्रभावित हैं।

कलानिक ने यहां 'स्टार्ट अप इंडिया' कार्यक्रम के मौके पर अलग कहा, मैं कंपिटिशन की वजह से सो नहीं पाता। यह कुछ उसी तरह की चीज है जिसकी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बात करते हैं। मैं लोगों तथा शहरों को बेहतर सेवाएं देने के लिए सो नहीं पाता। मुझे लगता है कि यह कठिन है। मुझे यह चुनौती पसंद है। और हमने अब तक तो किया है हमें काफी अच्छा लगता है।

वैश्विक स्तर पर भारत उबर के लिए सबसे बड़े बाजारों में है। अमेरिका की इस कंपनी ने देश में परिचालन में सुधार तथा नए शहरों में विस्तार के लिए एक अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इसके अलावा कंपनी ने अगले कुछ साल में हैदराबाद में 5 करोड़ रुपये के निवेश से एक केंद्र की स्थापना की भी घोषणा की है। यह अमेरिका के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा केंद्र होगा।