Zee Rozgar Samachar

आइसलैंड में पुरुषों-महिलाओं को मिलेगा समान वेतन, पहली बार कोई देश बनाएगा ऐसा कानून

आइसलैंड की संसद ने एक विधेयक पेश किया है, जिसके तहत सार्वजनिक एवं निजी उद्यमों को यह प्रमाणित करना होगा कि वे अपने कर्मचारियों को समान वेतन दे रहे हैं. दुनिया में यह अपनी तरह का पहला विधेयक है.

आइसलैंड में पुरुषों-महिलाओं को मिलेगा समान वेतन, पहली बार कोई देश बनाएगा ऐसा कानून
सार्वजनिक एवं निजी उद्यमों को यह प्रमाणित करना होगा कि वे अपने कर्मचारियों को समान वेतन दे रहे हैं. (गेटी फोटो)

स्टाकहोम: आइसलैंड की संसद ने एक विधेयक पेश किया है, जिसके तहत सार्वजनिक एवं निजी उद्यमों को यह प्रमाणित करना होगा कि वे अपने कर्मचारियों को समान वेतन दे रहे हैं. दुनिया में यह अपनी तरह का पहला विधेयक है.

25 या इससे अधिक कर्मचारी रखने वाली कंपनी पर लागू

सामाजिक मामले एवं समानता मंत्री थोर्स्टिन विगलुंडसन ने मंगलवार (4 अप्रैल) को यहां समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, ‘विधेयक के तहत 25 या इससे अधिक कर्मचारी रखने वाली कपंनियों और संस्थानों को अब एक समान वेतन भुगतान का प्रमाणपत्र देना होगा.’ 

वैश्विक लैंगिक अनुपात सूची में आइसलैंड पहले पायदान

उल्लेखनीय है कि विश्व आर्थिक फोरम-2015 की वैश्विक लैंगिक अनुपात सूची में आइसलैंड पहले पायदान पर था, जबकि इसके बाद आइसलैंड का साथी राष्ट्र नार्वे, फिनलैंड और स्वीडन थे.

पुरुषों और महिलाओं के वेतन में भेदभाव को मिटाना

विगलुंडसन ने कहा कि 3,23,000 से अधिक की आबादी वाले राष्ट्र में इस नये कानून का लक्ष्य कंपनियों में पुरुषों और महिलाओं के वेतन में सात प्रतिशत के अंतर को पाटना है. उन्होंने बताया कि इस विधेयक को मध्य-दक्षिणपंथी गठबंधन वाली सरकार, विपक्ष का समर्थन प्राप्त है और संसद में करीब 50 प्रतिशत सांसद महिलाएं हैं.

जनवरी 2018 से लागू होगा कानून 

यह कानून जनवरी से प्रभावी हो जाएगा. उन्होंने बताया, ‘आइसलैंड के श्रम बाजार में लैंगिक आधार पर वेतन का अंतर एक दुर्भाग्यपूर्ण सत्य है और यह कड़े उपाय करने का समय है. हमारे पास इसे समाप्त करने की जानकारी और प्रक्रिया है.’

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.