अब आपका चेक हुआ बाउंस तो आपकी खैर नहीं, सरकार ला सकती है कानून!

चेक बाउंस होना आपको महंगा पड़ सकता है केन्द्र सरकार नोटबंदी के बाद कैशलैस ट्रांजेक्शनों को बढ़ावा देने के लिए चेक बाउंस से संबंधित कानून में बदलाव कर सकती है। सरकार उन लोगों पर लगाम लगाने की तैयारी में भी जुट गई है जो जानबूझकर चेक बाउंस करवाते हैं। ऐसे लोगों को एक दो महीने के अंदर ही जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

अब आपका चेक हुआ बाउंस तो आपकी खैर नहीं, सरकार ला सकती है कानून!
प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार- डीएनए

नई दिल्ली: चेक बाउंस होना आपको महंगा पड़ सकता है केन्द्र सरकार नोटबंदी के बाद कैशलैस ट्रांजेक्शनों को बढ़ावा देने के लिए चेक बाउंस से संबंधित कानून में बदलाव कर सकती है। सरकार उन लोगों पर लगाम लगाने की तैयारी में भी जुट गई है जो जानबूझकर चेक बाउंस करवाते हैं। ऐसे लोगों को एक दो महीने के अंदर ही जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

सरकार बजट सत्र में एक विधेयक लाने की तैयारी कर रही है जिसके अनुसार अगर ग्राहक चेक बाउंस होने के एक महीने के अंदर कुछ फाइन के साथ भुगतान नहीं करता है तो उसे जेल जाना होगा। अभी भी जेल की सजा का प्रावधान तो है लेकिन कानूनी में लड़ाई महीनों और सालों लगते हैं।

बजट से पहले व्यापारियों के एक डेलिगेशन ने वित्त मंत्री से मुलाकात की। इस डेलिगेशन ने वित्तमंत्री से अनुरोध किया कि वह नोटबंदी के बाद उनके बिजनेस को ठीक करने के लिए जरूर कदम उठाए। व्यापारियों ने बताया कि वह ग्राहक से चेक लेने से डरते हैं क्योंकि उन्हें चेक बाउंस का डर लगा रहता है।

उन्होंने कहा कि चेक बाउंस को लेकर कठोर कानून होना चाहिए ताकि लोग बेवजह चेक जारी ना करें। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, ट्रेडर एसोसिएशन ने सरकार को सुझाव दिया है कि चेक बाउंस के मामले में एक महीने सजा मिल जानी चाहिए।

हालांकि यह अभी तक साफ नहीं हुआ है कि सरकार इस सुझाव पर विचार कर रही है कि नहीं लेकिन सरकार चेक बाउंस के मामलों में दी जानी वाली सजा को सख्त कर सकती है। इसके लिए बजट सत्र में सरकार विधेयक पेश भी कर सकती है।

गौरतलब है कि चेक बाउंस होने की घटनाओं में तब थोड़ी कमी आई थी जब पहली बार जेल का प्रावधान किया गया था। लेकिन वह भी तब होता है जब कोर्ट में ट्रायल पूरा हो जाए। फिलहाल कानून के तहत चेक मूल्य के दोगुना फाइन या दो साल तक की सजा या फिर दोनो का प्रावधान है। लेकिन यह कोर्ट से निर्णय होने के बाद होता है।