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ये होगी नई सरकार की पहली 'अग्नि-परीक्षा', महंगे पेट्रोल-डीजल से होगा मुकाबला

भारत अपनी तेल की खपत की 80 फीसदी जरूरतों की पूर्ति आयात से करता है. ब्रेंट क्रूड की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. 2019 में अब तक कीमतों में 34 फीसदी का इजाफा हो चुका है.

ये होगी नई सरकार की पहली 'अग्नि-परीक्षा', महंगे पेट्रोल-डीजल से होगा मुकाबला
अमेरिकी प्रतिबंध के बाद भारत ईरान से रोजाना अधिकतम 3 लाख बैरल पेट्रोल ही खरीद सकता है. (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली: 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आ जाएंगे, जिसके बाद नई सरकार का गठन होगा. वर्तमान परिस्थितियों को देखकर लगता है कि आने वाली सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती महंगा पेट्रोल-डीजल होगा. इसके महंगा होने से महंगाई काफी बढ़ जाएगी और सरकार के लिए हालात चुनौतीपूर्ण होंगे. आपको बता दें कि भारत अपनी तेल की खपत की 80 फीसदी जरूरतों की पूर्ति आयात से करता है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, भारत ने अभी तक मई महीने के लिए ईरान को तेल का ऑर्डर नहीं दिया है. दरअसल, नवंबर महीने में अमेरिका ने ईरान पर फिर से आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया था. उस दौरान 8 देशों को 6 महीने तक ईरान से तेल खरीदने की ईजाजत मिली थी. इन देशों में भारत और चीन शामिल है. 6 महीने का वक्त अप्रैल महीने में समाप्त हो रहा है, लेकिन अमेरिका ने अभी तक इस मामले को लेकर अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया है.

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इराक और सउदी अरब के बाद ईरान भारत का तीसरा बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है. ईरान के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा आयातक है. पहले नंबर पर चीन है. भारत अपनी जरूरत का 12 फीसदी कच्चा तेल ईरान से खरीदता है. ऐसें में जरूरी है कि अमेरिका अपना स्टैंड जल्द से जल्द क्लियर करे. ईरान से तेल खरीदने में भारत को सबसे बड़ा फायदा यह है कि उसे पेमेंट डॉलर में नहीं, बल्कि रुपये में करना पड़ता है.

प्रतिबंध से छूट अप्रैल तक की मिली थी
अमेरिकी प्रतिबंध के बाद भारत ईरान से रोजाना अधिकतम 3 लाख बैरल पेट्रोल ही खरीद सकता है. पहले भारत ईरान से करीब दोगुना तेल का आयात करता था. प्रतिबंध के बाद भारत ईरान से हर महीने 9 मिलियन बैरल तेल का आयात कर रहा है. दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के रिश्ते सुधरने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिनों ईरान के गार्ड को आतंकी बोल दिया था.

 ब्रेंट क्रूड का भाव 70 डॉलर के पार
OPEC समेत तेल उत्पादक देशों ने उत्पादन कम कर दिया है, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. ब्रेंट क्रूड का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है, जो नवंबर के बाद का उच्चतम स्तर है. 2019 में अब तक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में 34 फीसदी का इजाफा हो चुका है.

दिसंबर में ब्रेंट क्रूड 49.93 डॉलर तक पहुंच गया था
8 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड का भाव 70.41 डॉलर प्रति बैरल था. इससे पहले 12 नवंबर 2018 को ब्रेंट क्रूड का भाव 71.88 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. ज्यादा उत्पादन की वजह से दिसंबर में कीमत लुढ़क कर 49.93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमत में और उछाल आएगा.