पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से पाबंदी हटने पर ही एयरलाइनों को होगा लाभ, अभी है ये स्थिति

उड़ान को हर बार अरब सागर के माध्यम से लंबा रास्ता तय करना पड़ता है और ईंधन भरने के लिए कतर के दोहा या गुजरात के अहमदाबाद में रुकना पड़ता है. 

पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से पाबंदी हटने पर ही एयरलाइनों को होगा लाभ, अभी है ये स्थिति
फाइल फोटो

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने शुक्रवार को घोषणा की है कि बालाकोट हमले के बाद भारतीय हवाई क्षेत्र पर लगायी गयीं सभी अस्थाई पाबंदियों को हटा दिया गया है. लेकिन, जब तक पाकिस्तान अपना हवाई क्षेत्र नहीं खोलता, किसी भी वाणिज्यिक एयरलाइन को लाभ होने की संभावना नहीं है. बीती 27 फरवरी से पाकिस्तान हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद से एयर इंडिया और इंडिगो का अंतरराष्ट्रीय परिचालन प्रभावित हुआ हैं. घरेलू यात्री बाजार में भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो, दिल्ली से इस्तांबुल के लिए सीधी उड़ान शुरू करने में असमर्थ रही है.

हालांकि, कम लागत वाली एयरलाइन ने इस साल मार्च में दिल्ली-इस्तांबुल उड़ान शुरू की थी. उड़ान को हर बार अरब सागर के माध्यम से लंबा रास्ता तय करना पड़ता है और ईंधन भरने के लिए कतर के दोहा या गुजरात के अहमदाबाद में रुकना पड़ता है. इसी तरह एयर इंडिया पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद से दिल्ली से अमेरिका के लिए बिना रुके उड़ानें उड़ान भरने में असमर्थ है. पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने का प्रभाव मुख्यत: यूरोप से दक्षिणपूर्व एशिया की उड़ानों पर पड़ा है. यह हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद से, दिल्ली-काबुल, दिल्ली-मास्को, दिल्ली-तेहरान और दिल्ली-अस्ताना सहित कई मार्गों पर हवाई यात्रा काफी बढ़ गई है.

 

पाकिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को संकेत दिये कि पाकिस्तान भारत से लगती पूर्वी सीमा पर अपने हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध को हटा सकता है. पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने इसी सप्ताह अपने हवाईक्षेत्र को बंद रखने की अवधि 14 जून तक बढ़ा दी थी. पाकिस्तान ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर भारतीय वायु सेना के हमले के बाद 27 फरवरी को अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था. पाकिस्तान ने 27 मार्च को नयी दिल्ली, बैंकॉक और कुआलालंपुर को छोड़कर सभी उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को खोल दिया था.