Zee Rozgar Samachar

चालू खाते का घाटा एक साल के निचले स्तर 0.2 प्रतिशत पर

देश के चालू खाते के घाटे (कैड) में बीते वित्त वर्ष 2014-15 की चौथी तिमाही में जोरदार गिरावट आई है और यह 1.3 अरब डालर रहा जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.2 प्रतिशत के बराबर है। यह इसका एक साल का निचला स्तर है। कच्चे तेल की कीमतों में कमी तथा विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ने से व्यापार घाटा कम हुआ है, जिससे कैड भी नीचे आया है। पूरे वित्त वर्ष 2014-15 में चालू खाते का घाटा घटकर जीडीपी का 1.3 प्रतिशत रहा है।

चालू खाते का घाटा एक साल के निचले स्तर 0.2 प्रतिशत पर

मुंबई : देश के चालू खाते के घाटे (कैड) में बीते वित्त वर्ष 2014-15 की चौथी तिमाही में जोरदार गिरावट आई है और यह 1.3 अरब डालर रहा जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.2 प्रतिशत के बराबर है। यह इसका एक साल का निचला स्तर है। कच्चे तेल की कीमतों में कमी तथा विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ने से व्यापार घाटा कम हुआ है, जिससे कैड भी नीचे आया है। पूरे वित्त वर्ष 2014-15 में चालू खाते का घाटा घटकर जीडीपी का 1.3 प्रतिशत रहा है।

रिजर्व बैंक ने आज कहा कि कैड चौथी तिमाही में 1.3 अरब डालर या जीडीपी का 0.2 प्रतिशत रहा है। तीसरी तिमाही में कैड 8.3 प्रतिशत या जीडीपी का 1.6 प्रतिशत था। वस्तुओं एवं सेवाओं के आयात व उसी अवधि में किए गए निर्यात का अंतर चालू खाते का घाटा कहलाता है।

‘भुगतान संतुलन की स्थिति’ पर रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘चौथी तिमाही में कैड में कमी मुख्य रूप से व्यापार घाटा कम होने से आई है। इसी दौरान सेवा और प्राथमिक आय (लाभ, लाभांश और ब्याज) के मद में शुद्ध आमदनी में एक साल पहले इसी तिमाही की तुलना में कमी आई जबकि द्वितीयक (अंतरण) आय में 0.4 प्रतिशत की मामूली वृद्धि रही।’ साल दर साल आधार पर चौथी तिमाही में चालू खाते का घाटा कुछ अधिक यानी 1.2 अरब डालर या जीडीपी का 0.2 प्रतिशत रहा। 

पूरे वित्त वर्ष (2014-15) के लिए चालू खाते का घाटा घटकर 27.5 अरब डालर या जीडीपी का 1.3 प्रतिशत रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष में कैड 32.4 अरब डालर या जीडीपी का 1.7 फीसदी था। रिजर्व बैंक के अनुसार पिछले वित्त वर्ष के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 61.4 अरब डालर का बड़ा इजाफा हुआ जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में विदेशी मुद्रा भंडार 15.5 अरब डालर बढ़ा था। 

मार्च, 2015 के अंत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 341.6 अरब डालर पर था। हालांकि, साल दर साल आधार पर चौथी तिमाही में व्यापार घाटा मामूली बढ़ा। इस दौरान वस्तुओं का निर्यात 15.4 प्रतिशत व आयात 10.4 प्रतिशत घटा। आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2014-15 में व्यापार घाटा कम होकर 144.2 अरब डालर पर आ गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 147.6 अरब डालर रहा था।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि व्यापार घाटा कम होने और शुद्ध अदृश्य मदों से आमदनी के अलावा शुद्ध वित्तीय प्रवाह में उल्लेखनीय सुधार से कैड कम हुआ और विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ा इजाफा हुआ। घरेलू रेटिंग एजेंसी केयर रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष में चालू खाते का घाटा जीडीपी का डेढ़ से दो फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.