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11 अक्टूबर से शुरु होगा इंटरनेशनल को-ऑपरेटिव ट्रेड फेयर

इस ट्रेड फेयर में ट्रेड फेयर में Textile से संबंधित गिनिंग, स्पिनिंग, पावरलूम, गारमेंट्स, हैंडीक्राफ्टस, जूट,सिल्क, कॉयर से संबंधित प्रोडक्ट्स और मशीनरी होगी. FMCG Health Care, Hospitality से संबंधित कंज्यूमर गुड्स,रीटेल, डेयरी,टूरिज्म से संबंधित प्रोडक्ट्स और सर्विसेज होंगी. 

11 अक्टूबर से शुरु होगा इंटरनेशनल को-ऑपरेटिव ट्रेड फेयर

नई दिल्ली: अगर आप ट्रेड फेयर घूमने में दिलचस्पी लेते हैं तो आपके लिए बिल्कुल नयी तरह का ट्रेड फेयर इंतजार कर रहा है. अगर आप किसी कोऑपरेटिव से जुड़े हैं और अपना प्रोडक्ट इंटरनेशनल लेवल तक ले जाना चाहते हैं तो भी ये ट्रेड फेयर आपका इंतज़ार कर रहा है. ये है इंडिया इंटरनेशनल को-ऑपरेटिव्स ट्रेड फेयर (IICTF)है. 35 देशों के 150 को-ऑपरेटिव सोसायटी से जुड़े किसान, सेल्फ हेल्प ग्रुप संस्थाएं इसमें भागीदारी ले रहे हैं. दिल्ली के प्रगति मैदान में 11 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक ये तक चलेगा.

इस ट्रेड फेयर में ट्रेड फेयर में Textile से संबंधित गिनिंग, स्पिनिंग, पावरलूम, गारमेंट्स, हैंडीक्राफ्टस, जूट,सिल्क, कॉयर से संबंधित प्रोडक्ट्स और मशीनरी होगी. FMCG Health Care, Hospitality से संबंधित कंज्यूमर गुड्स,रीटेल, डेयरी,टूरिज्म से संबंधित प्रोडक्ट्स और सर्विसेज होंगी. Trade and Marketing में एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, कोल्ड स्टोरेज प्रोडक्ट्स,मरीन प्रोडक्ट्स ,वेल्यू चेन, ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर , इंश्योरेंस , कॉपरेटिव बैंक सर्विसेज, क्रेडिट्स सर्विसेज से जुडे प्रोडक्ट्स और सॉल्युशन होगा.

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भारत सरकार के तीन मंत्रालय कृषि, वाणिज्य और विदेश मंत्रालय और 6 राज्यों की सरकार इसके आयोजन में भागीदार है जबकि नेशनल कोअॉपरेटिव डेवलपमेंट काउंसिल NCDC, NEDAC, NAFED, ITPO इस ट्रेड फेयर का आयोजन कर रहे हैं.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक - "ये अपनी तरह का ये पहला प्रयोग है जिसमें को-ऑपरेटिव से जुड़े छोटे किसानों,Self Help Group (SHG), संस्थाओं को इंटरनेशनल मार्केट मिलेगा, उनके प्रोडक्टस एक्सपोर्ट होंगें, विदेश के कोअॉपरेटिव लिंक्स मिलेंगे, एक दूसरे की तकनीक का आदान-प्रदान होगा इससे हमारे यहां के लोगों को अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग मार्केटिंग में भी फायदा होगा. इससे हमारा निर्यात बढ़ेगा, किसानों और SHG में जुड़ी महिलाओं की इनकम बढ़ेगी. "

एक्सपर्ट्स का मानना है कि तीन दिन के इस ट्रेड फेयर से विभिन्न देशों से आए को-ऑपरेटिव्स से हमारे देश के कोऑपरेटिव्स के बीच कारोबार तो होगा ही इंटरनेशनल मार्केट में किन चीज़ों की, किस क्वालिटी की डिमांड है ये भी पता लगेगा जिससे हमारे देश के किसान, SHG, संस्थाएं उसी हिसाब से अपनी तैयारी कर सकते हैं.