ईरान ने अमेरिका को फिर दी धमकी, कहा- तेल निर्यात के लिए रास्ता बंद कर देंगे

ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने मंगलवार को अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए खाड़ी से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय बिक्री को बंद करने की चेतावनी दी.

ईरान ने अमेरिका को फिर दी धमकी, कहा- तेल निर्यात के लिए रास्ता बंद कर देंगे

तेहरान : ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने मंगलवार को अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए खाड़ी से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय बिक्री को बंद करने की चेतावनी दी. समनान प्रांत में एक रैली को संबोधित करते हुए रुहानी ने कहा, 'अमेरिका को पता होना चाहिए कि वह ईरान के तेल का निर्यात रोक नहीं सकता है.' टीवी पर प्रसारित इस रैली में रुहानी ने कहा कि यदि अमेरिका ऐसा करने का प्रयास करता है तो फारस की खाड़ी से कोई तेल बाहर नहीं जाने दिया जाएगा.

बार-बार तेल का निर्यात रोकने की धमकी देता है ईरान
ईरान 1980 के दशक से ही अंतरराष्ट्रीय दबाव के मद्देनजर बार-बार खाड़ी से तेल का निर्यात रोकने की धमकी देता रहा है लेकिन उसने ऐसा कभी किया नहीं है. ईरान और दुनिया की प्रमुख ताकतों के बीच 2015 में हुए परमाणु करार से अमेरिका मई में निकल गया था. उसके बाद अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध फिर से लगाए थे और साथ ही दुनिया के देशों से ईरान से तेल की खरीद को शून्य पर लाने को कहा था. हालांकि, बाद में अमेरिका ने अस्थायी रूप से 8 देशों को इस मामले में कुछ छूट दी है.

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन किया
दूसरी तरफ फ्रांस और ब्रिटेन ने ईरान पर सप्ताहांत में मिसाइल परीक्षण करने का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक बुलाने का अनुरोध किया है. अमेरिका का कहना है कि शनिवार को हुआ मिसाइल परीक्षण 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते का समर्थन करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन है. प्रस्ताव में ईरान को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलों का परीक्षण नहीं करने को कहा गया था.

फ्रांस ने कहा कि वह परीक्षण से चिंतिंत है. विदेश मंत्रालय ने इसे उकसावे वाले तथा अस्थिर करने वाला कदम बताया है. उसका कहना है कि यह कदम ईरान परमाणु समझौते पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के अनुकूल नहीं है. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने कहा कि यह मिसाइल परीक्षण उकसावे वाला, आतंकित करने वाला और अनुचित है. साथ ही ब्रिटेन इस बात पर कायम है कि इसे बंद होना चाहिए.

ईरान के लिए अमेरिका के राजदूत ब्रायन हुक ने यूरोपीय संघ से ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लक्षित करके प्रतिबंध लगाने की मांग की है. इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ यूरोपीय संघ के नेताओं से बातचीत करने के ब्रसेल्स गए हैं. गौरतलब है कि अमेरिका ने मई, 2018 में स्वयं को 2015 ईरान परमाणु समझौते से अलग कर लिया था.

(इनपुट एजेंसी से)