Boeing 737 Max क्रैश में गई 158 लोगों की जान, भारत में भी उड़ते हैं कुल इतने विमान

चीन, सिंगापुर, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने Boeing के विमानों को ग्राउंड कर दिया है.

Boeing 737 Max क्रैश में गई 158 लोगों की जान, भारत में भी उड़ते हैं कुल इतने विमान
भारत में कुल 18 Boeing 737 Max विमान उड़ रहे हैं. (फाइल)

दानिश आनंद, नई दिल्ली: इथोपिया विमान हादसे के बाद पूरे विश्व में एक के बाद एक देश Boeing 737 Max के विमानों को ग्राउंड कर रहा है. चीन के बाद सिंगापुर और इंडोनेशिया ने बोइंग के विमानों को ग्राउंड कर दिया है. भारत में भी DGCA की तरफ से बोइंग विमानों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल वही पायलट इस विमान को उड़ाएंगे जिनके पास कम से कम 1000 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव हो. हालांकि, अभी तक अपने देश में इन विमानों को अंडरग्राउंड नहीं किया गया है. भारत मे सिर्फ Jet Airways और SpiceJet के पास Boeing 737 Max8 विमान हैं. बता दें, इस हादसे में 158 लोगों की मौत हो गई थी. 

Boeing 737 Max 8 को दुनियरभार में काफी एडवांस्ड और सॉफिस्टिकेटेड हवाई जहाज माना जाता है, लेकिन इसी नए मॉडल से अब तक 5 महीने में 2 क्रैश में 342 जानों का नुकसान हो चुका है. इस विमान में तकनीकी खराबी के कारण विमान stall हो जाता है. इस जहाज में एक एडवांस्ड कंट्रोल सिस्टम दिया गया है जिसका नाम है 'Manoeuvring Characteristics Augmentation System (MCAS)' जिसका काम विमान की नोज को नीचे करना होता है जब एंगल ऑफ अटैक की वजह से विमान को स्टाल होने से बचाने का काम होता है. MCAS को स्टॉल होने से बचाने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन Lion Air और Ethiopian Airlines के क्रैश से पता चला है कि टेक ऑफ के चंद मिनटों के बाद पायलट विमान का नयंत्रण खो देते हैं. 

पूरी दुनिया मे 350 Boeing 737 Max 8 विमान है. वर्तमान में सिंगापुर, चीन और इंडोनेशिया जैसे देशों ने इसे ग्राउंड कर दिया है. भारत में Jet Airways के पास 5 Boeing 737 Max8 विमान हैं जिसे एयरलाइन ने ग्राउंड कर दिया है. वहीं, SpiceJet के पास 13 विमान हैं, लेकिन इन विमानों को ग्राउंड नही किया गया है. DGCA के निर्देश के बाद बोइंग 737 Max8 के सेफ्टी ऑस्पेक्ट पर कड़ी नजर रखी जा रही है. वर्तमान में जिन पायलट के 1000 फ्लाइंग ऑवर और को-पायलट के 500 फ्लाइंग ऑवर है वहीं, बोइंग के विमानों को उड़ा रहे हैं. हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि इससे किसी तरह का हल नहीं निकलने वाला है.