Jet Airways में घट रही निवेशकों की दिलचस्पी, बोली लगाने से पीछे हट रही कंपनियां

जेट एयरवेज की उड़ानें जारी रहने तक बोली लगाने वाली कंपनियां उत्साहित थीं, लेकिन कामकाज के ठप होने और पार्किंग लॉट और उड़ानों के स्लॉट अन्य एयरलाइंस को दिए जाने से वे बहुत खुश नहीं हैं. 

Jet Airways में घट रही निवेशकों की दिलचस्पी, बोली लगाने से पीछे हट रही कंपनियां
कंपनी पर करीब 8500 करोड़ रुपये का कर्ज है. (फाइल)

नई दिल्ली: जेट एयरवेज के शेयर भले ही दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन एयरलाइन के लिए उबरना इतना आसान नहीं लग रहा. कई बोली लगाने वाली कंपनियों की दिलचस्पी घट रही है. जेट एयरवेज में हिस्सेदार और बोली लगाने वालों में अकेली एविएशन कंपनी एतिहाद अपने पांव पीछे खींच सकती है. बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक एतिहाद न केवल भारी भरकम हेयरकट चाहती है, बल्कि खुद भी ज्यादा पूंजी डालने को तैयार नहीं है. वर्किंग लोन के लिए भी बैंकों पर ही निर्भर है. 

बोली लगाने वाली दूसरी कंपनियां भी जेट एयरवेज की उड़ानें जारी रहने तक तो काफी उत्साहित थीं, लेकिन कामकाज ठप होने के बाद पार्किंग लॉट और उड़ानों के स्लॉट अन्य एयरलाइंस को दिए जाने से बहुत खुश नहीं हैं. हालांकि, सरकार ने दूसरी एयरलाइंस को स्लॉट अधिकतम तीन महीने के लिए ही दिया है. लेकिन बोली लगाने वाली कंपनियों को ये स्लॉट वापस ले पाना आसान नहीं लग रहा है. 

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कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय की ओर से भी एयरलाइन के खिलाफ एक पुराने मामले में जांच जारी है. ऐसे कई पहलू हैं जिसे देखकर निवेशक हिचक रहे हैं. इस बीच जेट के कर्मचारियों ने भी संकेत दे दिए हैं कि अगर मामले का कोई हल नहीं निकला तो वो अपना बकाया वसूलने के लिए एयरलाइन को NCLT में घसीट सकते हैं. जेट एयरवेज में 75% तक हिस्सेदारी खरीदने के लिए कंपनियों से बोलियां मंगवाई जा रही हैं. बोली लगाने वालों को 10 मई तक बोली सौंपनी हैं. अब तक NIIF, एतिहाद, इंडिगो पार्टनर्स और TPG ने बोलियों में दिलचस्पी दिखाई है.