बुधवार रात को Jet Airways की आखिरी उड़ान, 20 हजार लोगों पर रोजगार का संकट

जेट एयरवेज को तुरंत 400 करोड़ रुपये की जरूरत है. बैंकों के समूह द्वारा लोन देने से इनकार करने के बाद कंपनी ने परिचालन रोकने का फैसला किया.

बुधवार रात को Jet Airways की आखिरी उड़ान, 20 हजार लोगों पर रोजगार का संकट
एयरलाइन पर बैंकों का 8,500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है. (फाइल फोटो PTI)

मुंबई: नकदी संकट से जूझ रही पूर्णकालिक विमान सेवायें देने वाली निजी क्षेत्र की एयरलाइन जेट एयरवेज ने आखिरकार बुधवार को अपने विमान सेवा परिचालन को अस्थाई तौर पर रोकने की घोषणा कर दी. बैंकों के समूह द्वारा 400 करोड़ रुपये की त्वरित ऋण सहायता उपलब्ध कराने से इनकार कर दिये जाने के बाद एयरलाइन ने यह घोषणा की है. जेट एयरवेज के परिचालन बंद करने के फैसले से जहां यात्रियों, एयरलाइन के आपूर्तिकर्ताओं का करोड़ों रुपया फंस गया है वहीं उसके 20 हजार से अधिक कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है. एयरलाइन पर बैंकों का 8,500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है जिसके चलते वह कर्ज संकट में फंसती चली गई.

मंगलवार को केवल पांच विमानों ने भरी उड़ान
करीब ढाई दशक तक लोगों को विमान सेवायें देने वाली एयरलाइन ने कहा कि बुधवार मध्यरात्रि को अमृतसर से नयी दिल्ली के लिये उसकी आखिरी उड़ान होगी. इसके बाद उसकी विमान सेवायें अस्थाई तौर पर बंद रहेंगी. नरेश गोयल द्वारा शुरू की गई जेट एयरवेज ने ढाई दशक तक लाखों यात्रियों को विमान सेवायें उपलब्ध कराई लेकिन 2010 के संकट के बाद एयरलाइन का कर्ज संकट गहराने लगा. इस दौरान कंपनी को लगातार चार तिमाहियों में घाटा उठाना पड़ा. इसके बाद वह कर्ज के भुगतान में असफल होने लगी. पिछले साल दिसंबर में 123 विमानों के साथ परिचालन करने वाली कंपनी ने मंगलवार को केवल पांच विमानों के साथ परिचालन किया. 

कंपनी को तत्काल चाहिए 400 करोड़ रुपये
एयरलाइन ने बुधवार शाम जारी वक्तव्य में कहा, ‘‘ऋणदाता बैंकों की तरफ से आपात ऋण सहायता नहीं मिलने की वजह से हम परिचालन को जारी रखने के लिये ईंधन और दूसरी जरूरी सेवाओं के लिये भुगतान नहीं कर पायेंगे. इसलिये, तुरंत प्रभाव से हम अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को अस्थाई रूप से निरस्त करने पर मजबूर हैं. आज हमारी आखिरी उड़ान का परिचालन होगा.’’

सरकार ने समाधान प्रक्रिया में मदद की बात कही
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जेट की परिचालन बंद करने की घोषणा के कुछ देर बाद जारी ट्वीट में कहा कि वह जेट के समाधान प्रक्रिया का मौजूदा नियमों के दायरे में रहते हुये समर्थन करेगा. विमान कंपनी ने कहा कि वह ऋणदाताओं की ओर से बोलियों को अंतिम रूप दिये जाने की प्रक्रिया का इंतजार करेगी. इस महीने की शुरुआत में ऋणदाता बैंकों के समूह की ओर से एसबीआई कैप ने जेट एयरवेज की 32.1 से लेकर 75 प्रतिशत तक हिस्सेदारी की बिक्री के लिये बोलियां आमंत्रित की थी. बोलियां 8 अप्रैल से 12 अप्रैल तक आमंत्रित की गई. 

बैंकों ने मंगलवार को चार बोलीदाताओं की पहचान की. इनमें एतिहाद एयरवेज, राष्ट्रीय निवेश कोष एनआईआईएफ, निजी क्षेत्र के टीपीजी और एक अन्य कोष इंडिगो पार्टनर की पात्र बोलीदाता के तौर पर पहचान की है. इनके पास अंतिम वित्तीय बोली सौंपने के लिये 10 मई तक का समय है. 

एयर इंडिया प्रमुख ने बताया विमानन क्षेत्र के लिए झटका
इधर एयर इंडिया प्रमुख अश्वनी लोहानी ने बुधवार को जेट एयरवेज के अस्थाई तौर पर बंद होने को भारतीय विमानन क्षेत्र के लिये झटका बताया. उन्होंने कहा कि हवाई उड़ान व्यवसाय में लगे पक्षों के लिये यह दुखद दिन है. एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्वनी लोहानी ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि देश में विमानन क्षेत्र में लगे सभी के लिये यह दुखद दिन है. यह इस लिहाज से दुखद है कि एक बेहतर एयरलाइन को कारोबार बंद करना पड़ रहा है.

अश्वनी लोहानी ने कहा समस्या गंभीर, लेकिन निदान ढूंढने की जरूरत
नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने बुधवार को कहा कि आपात धन उपलब्ध नहीं होने की वजह से वह अपना परिचालन अस्थाई रूप से बंद कर रही है. देश में एयर इंडिया, जेट एयरवेज और विस्तार केवल तीन ही पूर्ण सेवा विमानन कंपनी की श्रेणी में आती हैं. लोहानी ने कहा कि जेट एयरवेज के मुद्दे का निदान आसान नहीं है लेकिन फिर भी इसका निदान ढूंढा जाना चाहिये. लोहानी दूसरी बार सरकारी क्षेत्र की एयर इंडिया के शीर्ष पद पर नियुक्त किये गये हैं.