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अर्थव्यवस्था के लिए वित्तमंत्री के बड़े ऐलान-FPIs से सरचार्ज वापस, BS4 गाड़ियां नहीं होंगी बंद

वित्त मंत्री ने कहा, अमेरिका और चीन में मंदी का असर है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है. भारत में कारोबार करना आसान हुआ है. हम लगातार व्यापार को आसान कर रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा, सभी मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं.

अर्थव्यवस्था के लिए वित्तमंत्री के बड़े ऐलान-FPIs से सरचार्ज वापस, BS4 गाड़ियां नहीं होंगी बंद

नई दिल्ली: देश में आर्थिक सुस्ती के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने शुक्रवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, शेयर बाजार में कैपिटल गेन्स पर सरचार्ज नहीं होगा. इसके साथ ही एफपीआई को सरचार्ज से छुटकारा मिलेगा. अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कराधान के उपाय किए गए हैं. वित्तमंत्री ने कहा, शेयर बाजार में कैपिटल गेन्स पर सरचार्ज नहीं होगा. एफपीआई को सरचार्ज से छुटकारा मिलेगा. सरकार बैंकों के लिए 70 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं. एफपीआई पर सरचार्ज हटाने की मांग बजट के बाद से ही की जा रही थी.

वित्त मंत्री ने आने वाले दिनों में कुछ अहम फैसलों के बारे में ऐलान किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा, विजयदशमी से आईटी स्क्रूटनी फेसलेस होगी. इसके अलावा स्टार्टअप से एंजेल टैक्स हटाने का फैसला किया गया.

वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें

FPIs सरचार्ज वापस लिया
सरकार ने FPIs पर बढ़ा हुआ सरचार्ज वापस ले लिया है. बजट में सरकार ने सरचार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था. सरकार FPIs पर पूरी तरह अपना फैसला वापस लिया. FPIs पर अब बजट के पहले वाली ही स्थिति रहेगी. घरेलू निवेशकों को भी बढ़े हुए सरचार्ज से राहत मिलेगी.

स्टार्टअप्स के लिए बड़े ऐलान
DPIIT में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स पर एंजेल टैक्स नहीं लगेगा. CBDT का सदस्य स्टार्टअप्स की समस्याओं को देखेगा. IT एक्ट का सेक्शन 56 (2B) इन स्टार्टअप पर लागू नहीं.

अब होम, ऑटो सस्ता होना तय
घर और ऑटो लोन सस्ते होंगे, बैंक्स इस पर राजी हुए. बैंक्स RBI रेट कट का फायदा कस्टमर को देने पर राज़ी. सभी बैंक्स भविष्य में रेपो रेट-लिंक लोन देंगे. होम लोन, ऑटो लोन का ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम लाएंगे. NCR के घर खरीदारों की दिक्कतें करने के लिए योजना लाएंगे.

MSMEs के लिए बड़ा तोहफा
सरकार MSMEs लोन के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाएगी. सभी पेंडिंग GST रीफंड 30 दिन में चुका दिए जाएंगे. भविष्य में सभी GST रीफंड 60 दिन में ही निपटाने होंगे. एक MSMEs परिभाषा के लिए कानून में बदलाव करेंगे. रीफंड प्रोसेस की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा.

ऑटो इंडस्ट्री को बड़ी राहत
रजिस्ट्रेशन पीरियड तक BS-IV गाड़ियां वैध रहेंगी.
मार्च 2020 तक खरीदी गईं BS-IV गाड़िया वैध रहेंगी. सरकार जल्द ही स्क्रैपेज पॉलिसी लेकर आएगी. सरकार खुद गाड़ियां खरीदकर इंडस्ट्री में डिमांड बढ़ाएगी. सरकार ने अपने विभागों से गाड़ियां बदलने को कहा है. महंगा रजिस्ट्रेशन अगले साल जून तक के लिए टाला गया. वाहन अवमूल्यन को बढ़ाकर 30% किया गया.

वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा, 2020 तक बीएस4 गाड़ियां चलती रहेंगी.
स्क्रेपेज को लेकर जल्द कैबिनेट को मिलेगी मंजूरी.
सरकारी विभाग नई गाड़ियां खरीद सकेंगे.

फटाफट होगा IT नोटिस का निपटारा
सभी इनकम टैक्स नोटिस को 3 महीने में निपटाना होगा. 1 अक्टूबर तक सभी पुराने नोटिस का निपटारा होगा. दशहरे से स्क्रूटनी की प्रक्रिया फेसलेस हो जाएगी. फेसलेस स्क्रूटनी से लोगों को प्रताड़ना से राहत मिलेगी. समन, नोटिस सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से जारी किए जाएंगे.

वित्त मंत्री के और बड़े फैसले
CSR नियमों का उल्लंघन मामला सिविल है, क्रिमिनल नहीं.
सरकारी बैंकों के लिए अपफ्रंट 70,000 करोड़ जारी कर रहे हैं.
NBFC अब आधार बेस्ड KYC कर सकते हैं.
नेशनल हाउसिंग बैंक को 30,000 करोड़ दिया जाएगा.
- आधार बेस्ड KYC के जरिए डीमैट अकाउंट खोल सकेंगे.
- आधार बेस्ड KYC के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे.

वित्त मंत्री ने कहा, 2019 में ग्लोबल ग्रोथ 3.2 फीसदी से नीचे रह सकती है. उन्होंने कहा, अब भी हमारी विकास दर अमेरिका और चीन से अच्छी है. अमेरिका और चीन में मंदी का असर है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है. भारत में कारोबार करना आसान हुआ है. हम लगातार व्यापार को आसान कर रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा, सभी मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं.

वित्त मंत्री ने कहा, भारत में टैक्स सुधार हुआ है. जीएसटी फाइलिंग को आसान बनाया जा रहा है. देश की अर्थव्यवस्था बेहतर हालात में है. हमें वैश्विक मंदी से सीखने की जरूरत है. 2019 में दुनिया की विकास दर कम कम रह सकती है. अर्थव्यवस्था में सुधार सरकार के एजेंडे में है.

ट्रेड वॉर से नुकसान
अमेरिका जर्मनी में मंदी से अर्थव्यवस्था पर असर हुआ है. इसके अलावा चीन और अमेरिका जैसे देशों में ट्रेड वॉर से भी विकास दर प्रभावित हुई है.