अगर आप सर्जरी से पहले अलग-अलग टेस्ट के लिए अपनी जेब से भुगतान करते हैं तो आप इस खर्च को अपने मेडिक्लेम इंश्योरेंस से इसे पाने के हकदार हैं. मेडिकल इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों के पक्ष में यह आदेश महाराष्ट्र के कंज्यूमर फोरम ने दिया है.
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मुंबई : अगर आप सर्जरी से पहले अलग-अलग टेस्ट के लिए अपनी जेब से भुगतान करते हैं तो आप इस खर्च को अपने मेडिकल इंश्योरेंस से इसे पाने के हकदार हैं. मेडिकल इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों के पक्ष में यह आदेश महाराष्ट्र के कंज्यूमर फोरम ने दिया है. कंज्यूमर फोरम के आदेश में कहा गया है कि सर्जरी की तारीख से एक महीने पहले कराए गए एमआरआई स्कैन का भी भुगतान भी इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से किया जाना चाहिए. उपभोक्ता फोरम ने यह भी साफ किया कि डॉक्टर से परामर्श की फीस और टेस्ट का रिफंड यह कहकर देने से इनकार नहीं किया जा सकता कि वे सर्जरी से एक महीने पहले कराए गए हैं.
9 हजार रुपये कम दिए
डोम्बिवली निवासी वी श्रीधर ने बेटे का न्यू इंडिया इंश्योरंस कंपनी लिमिटेड से मेडिकल इंश्योरेंस कराया था. श्रीधर के बेटे को 18 अप्रैल 2012 को घुटने की सर्जरी के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया. श्रीधर की तरफ से मेडिकल रीइंबर्समेंट के लिए 58 रुपये का बिल क्लेम किया गया. लेकिन कंपनी की तरफ से 49 हजार रुपये का ही भुगतान किया गया. कंपनी की तरफ से रीइंबर्समेंट राशि में से 9 हजार रुपये काट लिए गए.
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श्रीधर ने कंज्यूमर फोरम की शरण ली
इसके बाद श्रीधर ने कंज्यूमर फोरम में मामला दायर किया. उनकी तरफ से बताया गया कि उन्होंने न्यू इंडिया इंश्योरंस से उनके परिवार का एक लाख रुपये तक का कवर इंश्योरेंस था. कंपनी से उन्होंने इस बारे में शिकायत की तो वहां से उन्हें सही जवाब नहीं मिला. कंपनी की तरफ से कहा गया कि ग्राहक ने सर्जरी के पहले कराई गई जांच और नॉन मेडिकल एक्सपेंस का का भुगतान भी मांगा. यह भुगतान उन्हें नहीं किया जा सकता था.
इस पर कंज्यूमर फोरम ने कहा कि सर्जरी से 30 दिन महीने पहले कराए गए टेस्ट और डॉक्टर से परामर्श की शुल्क इंश्योरेंस कंपनी को देनी होगी. कंज्यूमर फोरम ने कंपनी को 58 हजार रुपये का रीइंबर्समेंट देने के साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना देने का भी आदेश दिया.