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जीएसटी पर वित्त मंत्रालय ने मांगी उद्योग जगत की राय

वित्त मंत्रालय ने उद्योग जगत से ई-कॉमर्स और बैंकिंग समेत पांच क्षेत्रों में आपूर्ति स्थान (पीओएस) के नियम के संबंध में प्रावधानों को मजबूत करने के लिये राय मांगी है ताकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को आसानी से लागू किया जा सके।

जीएसटी पर वित्त मंत्रालय ने मांगी उद्योग जगत की राय

नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय ने उद्योग जगत से ई-कॉमर्स और बैंकिंग समेत पांच क्षेत्रों में आपूर्ति स्थान (पीओएस) के नियम के संबंध में प्रावधानों को मजबूत करने के लिये राय मांगी है ताकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को आसानी से लागू किया जा सके।

एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक मंत्रालय ने उद्योग संगठनों से बदलाव के दौर के प्रावधानों और नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली का सुगमता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अपने विचार सौंपने के लिए कहा।

जीएसटी गंतव्य आधारित शुल्क है और यह कर वस्तु एवं सेवा के आपूर्ति स्थान पर लगाया जाना है। फिलहाल ऐसी सेवाओं के मामले में जीएसटी लगाने के विचार पर मतभेद है, जिसकी आपूर्ति विभिन्न राज्यों में विभिन्न स्थानों पर की जानी है। मौजूदा प्रणाली में सेवा कर केंद्र लगाएगा इसलिए इसके संग्रह पर कोई विवाद नहीं है।

अधिकारी ने कहा, 'हम चाहते हैं कि उद्योग इसमें भागीदारी बने। यह पूछने के बजाय जीएसटी कब लागू होगा, उद्योग को ऐसे मुद्दों पर सुझाव देना चाहिए जिससे जीएसटी को सुगमता से पेश करने के मामले में दिक्कत आ सकती है।' 

जीएसटी हर तरह के उत्पाद शुल्क, सेवा कर, बिक्री कर, चुंगी आदि की जगह लेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूरे देश में एक ही अप्रत्यक्ष कर प्रणाली हो। सरकार ने 1 अप्रैल 2016 से जीएसटी लागू करने की योजना बनाई है। इसे आजादी के बाद का अब तक सबसे व्यापक अप्रत्यक्ष कर सुधार करार दिया जा रहा है, लेकिन अभी इसमें अड़चनें दिख रही हैं क्योंकि इससे जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक राज्यसभा में अटका है जहां सत्ताधारी गठबंधन एनडीए का बहुमत नहीं है।

वित्त मंत्रालय ने अपनी ओर से जीएसटी पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि आवश्यक विधेयकों के पारित होने की स्थिति में इस लागू किया जा सके। अधिकारी ने कहा, 'हम जीएसटी लागू करने की प्रक्रिया में जो खामियां हैं, उन्हें दुरस्त कर रहे हैं ताकि विधेयकों के पारित होने पर हम नई कर प्रणाली लागू करने की स्थिति में हों।' 

इस बीच केंद्र और राज्यों ने जीएसटी कानून एकीकृत जीएसटी या आईजीएसटी कानून का मसौदा तैयार किया है जिसे नवंबर की शुरुआत में सार्वजनिक किया जाएगा। राज्य के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति जल्दी ही विधेयकों (सीजीएसटी, एसजीएसटी और आईजीएसटी) पर चर्चा के लिए बैठक करेगी।

केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) आदर्श जीएसटी कानून पर आधारित है। साथ ही राज्य आदर्श कानून के मसौदे के आधार पर राज्यवार छूट के आधार पर मामूली फेरबदल के आधार पर राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) का मसौदा तैयार करेंगे।