रोमिंग में मोबाइल कॉल होगी 23% सस्ती, प्रति SMS लगेंगे सिर्फ 25 पैसे

रोमिंग के दौरान मोबाइल कॉल्स की दरें 23 प्रतिशत घटेंगी, जबकि एसएमएस भेजने की लागत में 75 प्रतिशत तक कमी आएगी। यानी रोमिंग में एसएमएस भेजने का खर्च प्रति एसएमएस घटकर 25 पैसे रह जाएगा।

रोमिंग में मोबाइल कॉल होगी 23% सस्ती, प्रति SMS लगेंगे सिर्फ 25 पैसे

नई दिल्ली : रोमिंग के दौरान मोबाइल कॉल्स की दरें 23 प्रतिशत घटेंगी, जबकि एसएमएस भेजने की लागत में 75 प्रतिशत तक कमी आएगी। यानी रोमिंग में एसएमएस भेजने का खर्च प्रति एसएमएस घटकर 25 पैसे रह जाएगा।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इन दरों की अधिकतम सीमा में कटौती की है जिससे रोमिंग में कॉल व एसएमएस की दरों में आगामी एक मई से कमी आएगी। हालांकि, ट्राई के इस आदेश के बाद उपभोक्ताओं को उन योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा जिनके तहत उन्हें घरेलू सर्किल दरों पर रोमिंग के दौरान कॉल करने व एसएमएस भेजने की अनुमति होती है।

ट्राई ने आज बयान में कहा, नियामक ने राष्ट्रीय रोमिंग कॉल्स व एसएमएस पर अधिकतम शुल्क दर में कमी की है। इसके अलावा ऑपरेटरों को विशेष रोमिंग दर प्लान की पेशकश करना अनिवार्य होगा। ये बदलाव एक मई, 2015 से लागू होंगे। ट्राई ने दूरसंचार ऑपरेटरों द्वारा रोमिंग में एसटीडी कॉल्स पर ली जाने वाली अधिकतम दर की सीमा को 1.5 रुपए प्रति मिनट से घटाकर 1.15 रुपए प्रति मिनट कर दिया। राष्ट्रीय एसएमएस की अधिकतम दर की सीमा को 1.5 रुपए प्रति एसएमएस से घटाकर 38 पैसे प्रति मिनट किया गया है।

इसके अलावा ऑपरेटर प्रत्येक लोकल एसएमएस पर अधिकतम 25 पैसे का शुल्क लगा सकेंगे। फिलहाल यह दर एक रुपए प्रति एसएमएस है। इसके अलावा ऑपरेटर लोकल या स्थानीय कॉल पर अधिकतम 80 पैसे प्रति मिनट वसूल सकेंगे। अभी तक यह सीमा एक रुपए प्रति मिनट है। रोमिंग के दौरान इनकमिंग कॉल पर मोबाइल ग्राहक को अधिकतम 45 पैसे प्रति मिनट का भुगतान करना होगा, जो अभी 75 पैसे प्रति मिनट है।

वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को झटका देते हुए नियामक ने रोमिंग दर प्लान आरटीपी और आरटीपी-एफआर को समाप्त कर दिया है। इसमें उपभोक्ता को रोमिंग के दौरान अपने घरेलू सर्किल या सेवा क्षेत्र में समान शुल्क देना होता था। रोमिंग दर प्लान (आरटीपी) के प्रावधान के तहत आउटगोइंग वॉयस कॉल व आउटगोइंग एसएमएस (स्थानीय और लंबी दूरी) के लिए शुल्क दरों में उपभोक्ता का गंतव्य देश में होने पर कोई बदलाव नहीं किया गया है।

आरटीपी-एफआर योजना में उपभोक्ता को रोमिंग के दौरान आउटगोइंग लोकल व एसटीडी कॉल्स के लिए घरेलू सेवा क्षेत्र के समान शुल्क का भुगतान करने की अनुमति थी। नियामक ने ऑपरेटरों के लिए विशेष रोमिंग दर योजना की पेशकश को अनिवार्य कर दिया है। इसमें एक निश्चित शुल्क अदा करने के बाद उपभोक्ता को मुफ्त इनकमिंग कॉल की सुविधा मिलेगी। लेकिन इसमें अन्य खूबियां शामिल नहीं होंगी।