अगस्त में EPFO-ESIC से जुड़े 19 लाख से अधिक नए कर्मचारी

इस साल अगस्त में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से 19 लाख से अधिक नए कर्मचारी जुड़े हैं. कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के तीन महीने बाद ये सबसे बड़ा इजाफा है.

अगस्त में EPFO-ESIC से जुड़े 19 लाख से अधिक नए कर्मचारी
फाइल फोटो

नई दिल्ली: इस साल अगस्त में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से 19 लाख से अधिक नए कर्मचारी जुड़े हैं. कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के तीन महीने बाद ये सबसे बड़ा इजाफा है. ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा योजना से करीब 9.30 लाख नये सदस्य जुड़े. यह आंकड़ा देश में संगठित क्षेत्र में रोजगार की स्थिति के बारे में जानकारी देता है.

शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार इससे पूर्व माह में यह संख्या 7.55 लाख थी. यह आंकड़ा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी रिपोर्ट का हिस्सा है. ईएसआईसी से जुड़े सदस्यों की संख्या जून में 8.21 लाख, मई में 4.84 लाख और अप्रैल में 2.61 लाख रही. इससे पता चलता है कि जैसे-जैसे ‘लॉकडाउन’ में ढील दी गई, उससे जुड़ने वाले सदस्यों की संख्या बढ़ी है.

सरकार ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये 25 मार्च से देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ लगाया था. जून से पाबंदियों में ढील दी गई. संगठित क्षेत्र में रोजगार की स्थिति को लेकर मई में जारी आंकड़े (पेरोल) के अनुसार मार्च में ईएसआईसी से सकल रूप से 8.21 लाख नये सदस्य जुड़े जबकि फरवरी में यह आंकड़ा 11.83 लाख रहा था.

इस साल अभी तक जुड़े 1.51 करोड़ लोग 
एनएसओ की रिपोर्ट के अनुसार कुल मिलाकर ईएसआईसी से जुड़ने वाले नये अंशधारकों की संख्या 2019-20 में 1.51 करोड़ रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 1.49 करोड़ थी. सितंबर 2017 से मार्च 2018 के दौरान करीब 83.35 लाख नये अशंधारक ईएसआईसी योजना से जुड़े थे. रिपोर्ट के अनुसार सकल रूप से सितंबर 2017 से अगस्त 2020 के दौरान कुल 4.17 करोड़ सदस्य ईएसआईसी से जुड़े.

एनएसओ की रिपोर्ट ईएसआईसी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या पर आधारित है. ये आंकड़े देश में संगठित क्षेत्र में रोजगार की स्थिति के बारे में जानकारी देते हैं. ये आंकड़े अप्रैल 2018 से जारी किये जा रहे हैं. इसमें सितंबर 2017 से आंकड़े को लिया गया है.

ईपीएफओ से जुड़े 10.05 लाख लोग 
रिपोर्ट के अनुसार ईपीएफओ से शुद्ध रूप से जुड़े वाले नये अंशधारकों की संख्या अगस्त 2020 में 10.05 लाख रही जो जुलाई में 7.48 लाख थी. ताजा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2020 में शुद्ध रूप से अंशधारकों की संख्या 1,04,608 घटी जबकि सितंबर में जारी आंकड़े में यह संख्या 61,807 रह गई.

इसका मतलब है कि ईपीएफओ योजना से बाहर निकलने वाले अंशधारकों की संख्या इससे जुड़ने वालों की संख्या से ज्यादा थी. इससे पहले, जुलाई में जारी अस्थाई आंकड़ों के अनुसार शुद्ध रूप से अप्रैल महीने में एक लाख लोगों के ईपीएफओ से जुड़ने की बात कही गई थी, जिसे अगस्त में संशोधित कर 20,164 कर दिया गया. वहीं सितंबर में जारी नये आंकड़े के अनुसार इसमें 61,807 की कमी होने की बात कही गयी.

मई के आंकड़े को भी संशोधित किया गया है. इसके अनुसार ईपीएफओ के अंशधारकों की संख्या शुद्ध रूप से 35,336 कम हुई जबकि इससे पिछले महीने के आंकड़े में इसमें 40,551 नये अंशधारकों के जुड़ने की बात कही गयी थी.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से शुद्ध रूप से फरवरी 2020 में जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या 10.21 लाख थी जो मार्च में घटकर 5.72 लाख रही. शुद्ध रूप से ईपीएफओ के पास हर महीने औसतन करीब 7 लाख नये पंजीकरण होते हैं. ताजा आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान नये अंशधारकों की कुल संख्या बढ़कर 78.58 लाख रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 61.12 लाख थी.

ईपीएफओ अप्रैल, 2018 से नये अंशधारकों के आंकड़े जारी कर रहा है. इसमें सितंबर 2017 से आंकड़ों को लिया गया है. ‘पेरोल’ आधारित इन आंकड़ों के अनुसार सितंबर, 2017 से अगस्त 2020 के दौरान सकल रूप से करीब 3.58 करोड़ ईपीएफओ योजना से जुड़े. ‘भारत में संगठित क्षेत्र में पेरोल रिर्पोटिंग (रोजगार परिदृश्य:अगस्त 2020)’ शीर्ष से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि अंशधारकों की संख्या विभिन्न स्रोतों से ली गई है, अत: आंकड़ों में दोहराव की गुंजाइश है.

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