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लोकसभा में पेश हुआ मोटर व्हीकल अमेंडमेंट एक्ट, हर साल 1.5 लाख लोगों की होती है मौत

इस बिल के जरिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के प्रावधानों को कड़े करने की मांग की गई है. ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ज्यादा पेनाल्टी, थर्ड पार्टी प्रीमियम को जरूरी बनाना, रोड सेफ्टी पर विशेष ध्यान समेत कई अहम बिंदुओं को इस बिल में शामिल किया गया है.

लोकसभा में पेश हुआ मोटर व्हीकल अमेंडमेंट एक्ट, हर साल 1.5 लाख लोगों की होती है मौत
गडकरी ने कहा कि देश में फिलहाल 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस बोगस हैं. (फाइल)

नई दिल्ली: आज लोकसभा में मोटर व्हीकल अमेंडमेंट एक्ट पेश किया गया. इस बिल के जरिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के प्रावधानों को कड़े करने की मांग की गई है. ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ज्यादा पेनाल्टी, थर्ड पार्टी प्रीमियम को जरूरी बनाना, रोड सेफ्टी पर विशेष ध्यान समेत कई अहम बिंदुओं को इस बिल में शामिल किया गया है. पहले निम्न सदन में इस बिल पर बहस होगी जिसके बाद इसे पारित किया जाएगा. इस बिल को लेकर बहस के दौरान परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क हादसों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि देश में फिलहाल 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस बोगस हैं.

गडकरी ने कहा कि अपने देश में हर साल सड़क हादसों में 1.5 लाख लोग जान गंवाते हैं. मैंने सड़क हादसों पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश की लेकिन पांच सालों के दौरान 3.4 फीसदी सड़क हादसे रोक पाने में ही सफल रहा. उन्होंने स्वीकार किया कि इन हादसों को रोकने में हम नाकाम रहे. हालांकि, तमिलनाडु में इस दिशा में अच्छी प्रगति हुई है. यहां सड़क हादसे की 15 फीसदी घटनाएं रुकी हैं.

बता दें, मोटर व्हीकल अमेंडमेंट एक्ट को 18 राज्यों के ट्रांसपोर्ट मंत्रियों ने मिलकर तैयार किया है. फिलहाल इस बाल को लेकर स्टैंडिंग कमेटी में चर्चा हुई है. नितिन गडकरी ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोगों की जान बचे, इसलिय इस बिल को पारित कराया जाए.