'मुद्रा योजना का लाभ जहां पहुंचना चाहिये वहां नहीं पहुंच रहा'

व्यापारियों के संगठन ने कैट ने सोमवार को कहा कि मुद्रा योजना के तहत कर्ज का लाभ अभी भी जमीनी स्तर के ग्राहकों तक पहुंचना बाकी है। कैट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, 'ऐसा लगता है कि मुद्रा योजना के तहत अब तक जारी एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज का बड़ा लाभ पुराने कर्जदारों को ही मिला है और ये अभी भी जमीनी स्तर के कर्जदारों तक पहुंचना बाकी है।' 

'मुद्रा योजना का लाभ जहां पहुंचना चाहिये वहां नहीं पहुंच रहा'

नई दिल्ली : व्यापारियों के संगठन ने कैट ने सोमवार को कहा कि मुद्रा योजना के तहत कर्ज का लाभ अभी भी जमीनी स्तर के ग्राहकों तक पहुंचना बाकी है। कैट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, 'ऐसा लगता है कि मुद्रा योजना के तहत अब तक जारी एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज का बड़ा लाभ पुराने कर्जदारों को ही मिला है और ये अभी भी जमीनी स्तर के कर्जदारों तक पहुंचना बाकी है।' 

बयान में कहा गया है कि जिन लोगों के लिए ये योजना लाई गई है उन्हें अब भी इसका लाभ नहीं मिल रहा है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बयान में कहा है कि देश में 5.77 करोड़ छोटे काम-धंधे वाले हैं और इनमें से केवल चार प्रतिशत को ही वित्तीय संस्थानों से कर्ज की मदद मिल पा रही है बाकी को महाजनी उधार पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

संगठन ने वित्त मंत्री अरूण जेटली का ध्यान सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम मंत्रालय से संबद्ध स्थाई संसदीय समिति की रिपोर्ट की ओर आकृष्ट किया है जिसमें लघु ऋण संस्थानों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की भूमिका को और समावेशी बनाने की सिफारिश की गई है।