अंबानी ने दिया 'कीप इन इंडिया' पहल पर जोर, कहा 'आखिर दिल है हिन्दुस्तानी'

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों को भारत के लिये एक तरह से वरदान बताते हुये रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शनिवार (18 मार्च) को कहा कि यह सबसे उचित समय है जब हमारे कुशल प्रतिभाशाली लोगों को विदेश से लौटकर मातृभूमि की सेवा करनी चाहिये.

अंबानी ने दिया 'कीप इन इंडिया' पहल पर जोर, कहा 'आखिर दिल है हिन्दुस्तानी'
अंबानी ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हम एक खुले बाजार वाली अर्थव्यवस्था हैं और हमारा नेतृत्व ऐसे हाथों में है जो प्रौद्योगिकी की समझ रखते हैं। (फाइल फोटो)

मुंबई: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों को भारत के लिये एक तरह से वरदान बताते हुये रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शनिवार (18 मार्च) को कहा कि यह सबसे उचित समय है जब हमारे कुशल प्रतिभाशाली लोगों को विदेश से लौटकर मातृभूमि की सेवा करनी चाहिये.

अंबानी ने यहां ‘इंडिया टुडे कॉनक्लेव’ में कहा, ‘‘यह सबसे बेहतर समय है कि जब हमारी बेहतर प्रतिभाओं को लौटकर भारत और भारतीयों के फायदे के लिये काम करना चाहिये.’’ अंबानी से जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें विदेशों से भारत की ओर वापस प्रतिभापलायन की संभावना दिखती है तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया ‘‘कोई शक नहीं.’’ 

लोग भारत के लिये कुछ करना चाहते हैं:
देश के सबसे अमीर उद्योगपति ने इस मामले में कहा, ‘‘जो भी वजह हो उन्हें इस देश में वापस लाया जाना चाहिये, वह इस देश के 1.30 अरब लोगों के जीवन को सुधारने में मदद कर सकते हैं और विकास का नया मॉडल यहां रख सकते हैं.’’ 

अंबानी ने कहा कि बदली परिस्थितियों में इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को कई ऐसे भारतीय मिले जिन्होंने बाद में दूसरे देशों में नेतृत्व की भूमिका निभाई. रिलायंस इंडस्ट्रीज को इस तरह की दो-से-तीन प्रतिभायें हर महीने मिलतीं हैं. अंबानी ने कहा, ‘‘आने वाले समय में अधिक से अधिक प्रतिभायें हमारे दरवाजें पर होंगी क्योंकि आखिर ‘‘हर एक का दिल है हिन्दुस्तानी. लोग भारत के लिये कुछ करना चाहते हैं.’’ 

खुले बाजार वाली अर्थव्यवस्था:
अंबानी ने कहा, ‘‘हम सौभाग्यशाली हैं कि हम एक खुले बाजार वाली अर्थव्यवस्था हैं और हमारा नेतृत्व ऐसे हाथों में है जो प्रौद्योगिकी की समझ रखते हैं. उन्होंने याद किया कि किस प्रकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ एक मुलाकात में रात के खाने पर पूरी बातचीत इस मुद्दे पर की कि दुनिया की कई समस्याओं को कैसे प्रौद्योगिकी से सुलझाया जा सकता है.’’ 

उन्होंने कहा कि हाल की नोटबंदी से डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलेगा. सरकार के इस कदम से देश एक नकदी आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर ‘‘नकदी के इष्टतम’’ इस्तेमाल वाली अर्थव्यवस्था बनेगा.

2047 में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: 
अंबानी ने कहा, ‘‘हमें इस उद्देश्य के साथ आगे बढ़ना चाहिये कि 2047 में जब हमारा देश आजादी के 100 साल पूरे करेगा तब हम दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे. तब हमारी जीडीपी वर्तमान के 2,000 अरब डालर से बढ़कर 40,000 अरब डॉलर तक पहुंच जायेगी.’’ 

कीप-इन-इंडिया की पहल:
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घरेलू स्तर पर पैदा होने वाले डेटा को बाहर जाने देने के बजाय देश में ही रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि ‘‘कीप-इन-इंडिया (देश में ही रखने) की पहल होनी चाहिये.

अंबानी ने कहा, ‘‘अपने डेटा को देश में रखा जाना चाहिये. इससे प्रतिभा, प्रौद्योगिकी, जानकारी और निवेश देश से बाहर जाने के बजाय इसका देश में प्रवाह होगा और इससे और अधिक रोजगार सृजित होंगे. ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर हमें ‘कीप इन इंडिया’ पहल करनी होगी ताकि हम अपने डेटा को अपने किनारों के भीतर रख सकें.

ट्रंप की एच1बी वीजा नीति भारत के लिए वरदान:
मुकेश अंबानी ने इससे पहले पिछले महीने यहां नॉस्काम के वाषिर्क सम्मेलन में कहा था कि ट्रंप प्रशासन की एच1बी वीजा संख्या को सीमित करने जैसी संरक्षणवादी नीतियां भारत के लिये अप्रत्यक्ष रूप से वरदान साबित हो सकती हैं.

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