close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

NBFC की RBI से नकदी की मांग, 2008 की तरह स्पेशल लिक्विडिटी विंडो सुविधा दी जाए

इस सेक्टर की मांग है कि NBFC को दिए जाने वाले लोन को 2011 के पहले की तरह फिर से प्रॉयरिटी सेक्टर लेंडिंग का दर्जा दिया जाए ताकि NBFC की उधारी की लागत घटे. 

NBFC की RBI से नकदी की मांग, 2008 की तरह स्पेशल लिक्विडिटी विंडो सुविधा दी जाए
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: नकदी की दिक्कतों को लेकर NBFC के संगठन फिर रिजर्व बैंक के साथ मीटिंग करने जा रहे हैं. NBFC की ओर से मांग की जा रही है कि बैंकों के जरिए नकदी की दिक्कत दूर करने के लिए 2008 की तरह स्पेशल लिक्विडिटी विंडो सुविधा दी जाए. ये सुविधा कम के कम एक साल के लिए हो, क्योंकि सिस्टम में नकदी के तमाम दावों के बावजूद भी बैंकों की ओर से उन्हें फंडिंग नहीं मिल पा रही है. 

प्रॉयरिटी सेक्टर लेंडिंग का दर्जा देने की मांग
NBFC को दिए जाने वाले लोन को 2011 के पहले की तरह फिर से प्रॉयरिटी सेक्टर लेंडिंग का दर्जा दिया जाए ताकि NBFC की उधारी की लागत घटे. ये भी मांग है कि जो छोटे NBFC हैं उनके लिए करेंसी री-फाइनेंस की शर्तों में रियायत दी जाए. सभी RBI रजिस्टर्ड NBFC को मुद्रा से रीफाइनेंस सुविधा मिले और इसके लिए शर्तें भी ढीली की जाएं. जो बड़ी NBFC हैं उन्हें मुद्रा री-फाइनेंसिंग के लिए एग्रीगेटर की तरह काम करने दिया जाए. 

देश में कुल 9659 NBFC
नेशनल हाउसिंग बैंक की तर्ज पर परमानेंट रीफाइनेंस विंडो की सुविधा हो. NBFC की फंडिंग के लिए अलग से अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट फंड स्थापित किया जाए. NBFC के लिए ऑन टैप यानि जब चाहें तब NCD से पैसे जुटाने की प्रक्रिया को मंजूरी दी जाए ताकि पैसे जुटाने के मौजूदा NCD के तरीके को किफायती और आसान बनाया जा सके. IL&FS मामले के उजागर होने के बाद NBFC को लेकर भरोसे का संकट पैदा हुआ है जिसकी वजह से फंडिंग में कठिनाई हो रही है. देश में कुल मिलाकर 9659 NBFC हैं. लेकिन ज्यादातार का आकार छोटा है. NBFC वो कंपनियां होती हैं जो बैंकों की तरह लोन बांटने या डिपॉजिट लेने का काम करती हैं, लेकिन बैंकों की तरह चेक जारी करने और दूसरी सुविधाएं नहीं देतीं.