कॉरपोरेट ऑफिस का नया ट्रेंड! ऑफिस में खास कमरे बनवा रही हैं कंपनियां; जानें पूरा मामला

कम नींद मिलने या आने का असर काम पर भी दिखता है और ऐसे में लोगों की प्रॉडक्टिविटी लगातार कम होते जाने का ट्रेंड देखने को मिल रहा है. 

कॉरपोरेट ऑफिस का नया ट्रेंड! ऑफिस में खास कमरे बनवा रही हैं कंपनियां; जानें पूरा मामला
दिल्ली से सटे गुड़गांव की एक बड़ी कॉरपोरेट कंपनी ने पिछले साल अगस्त में अपने इंप्लाइज के लिए दो दर्जन से अधिक स्लीपिंग पॉड लगवाए हैं.

नई दिल्ली: कम नींद मिलने या आने का असर काम पर भी दिखता है और ऐसे में लोगों की प्रॉडक्टिविटी लगातार कम होते जाने का ट्रेंड देखने को मिल रहा है. ऐसे में लोगों की मेंटल हेल्थ और फिजीकल एफिजियेंसी बढाने के लिए दफ्तरों में इंमप्लौइज के लिए नैप रूम्स तैयार करवा रही हैं. नैप रूम यानि आपके लिए (सोने या झपकी लेने वाला कमरा). लगातार दफ्तर में काम करते रहने के बाद जब आपका मन उब रहा हो, बोरियत हो रही हो तो बस उठिए अपनी कुर्सी से जाइये इस कमरे में एक सुकून भरे पावर नैप के लिए ताकि इस छोटी से नींद के बाद आप दोबार तरोताजा होकर निकलें और एक नई स्फूर्ति और उर्जा के साथ दोबारा काम में जुट जाएं. 

कॉरपोरेट जगत में काम करने वाले लोगों पर किए गए एक सर्वे के मुताबिक इस सेक्टर में काम करने वाले हर 10 में से चार कर्मचारियों को नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस सर्वे की जानकारियों के मुताबिक ये भी पता चला कि इसकी दो प्रमुख वजह काम संबंधी तनाव और नौकरी की अनिश्चितता है.

मनिपाल सिग्ना 360 वेल-बीइंग के सर्वे में हिस्सा लेने वाले हजार भारतीयों में से 40% को अच्छी नींद नहीं मिलती है और 40 पर्सेंट को अपर्याप्त नींद की शिकायत है और ऐसे में अपने काम करने वाली जगह को आपकी सोच और सुविधा के हिसाब से तैयार किया जाए या कस्टमाइज किया जाए तो कर्मचारियों को ज्य़ादा खुशनुमा एंबिंयंस मिलेगा और वो अपने प्रोडक्टिविटी को और ज्यादा बढ़ा पाएंगे.  

दिल्ली से सटे गुड़गांव की एक बड़ी कॉरपोरेट कंपनी ने पिछले साल अगस्त में अपने इंप्लाइज के लिए दो दर्जन से अधिक स्लीपिंग पॉड लगवाए हैं. कंपनी ने बताया कि दोपहर में 2-4 के बीच झपकी लेने के लिए स्टाफ इनका इस्तेमाल करते हैं और फिर देर रात तक काम करते हैं.

नोएडा के अनबौक्स कोवर्किंग कंपनी की कोफाउंडर तेजस्वी बंसल बताती हैं कि आज से 10 साल पहले हमसे अपने आफिस स्पेस डिजाइन करवाने वाले लोग इस हिसाब से अपने ऑफिस तैयार करवाते थे जिस स्पेस में ज्यादा इंप्लाइज बैठ सकें लेकिन आज के दौर में कंपनियां अपने ऑफिस स्पेस को अपने स्टाफ के मन और मूड के हिसाब से कस्टमाइज करवा रही हैं.  मसलन काम करने वाली जगह पर स्टैंडिंग प्लेटफॉर्म... साथ बैठने के लिए सोफा अरेंजमेंट. ओपन कॉफी एंड स्नैक्स स्पेस. थोड़ी देर सुस्ताने और झपकी लेने के लिए नैप रूम. जैसी चीजें बनवा रही हैं कंपनियां ताकि ऑफिस का स्टाफ घर जैसे माहौल में ज्यादा मन लगाकर काम कर सके और अपनी प्रोडक्टिविटी और क्षमता को बढ़ा सके.