नया कारोबार शुरू करने वालों के लिए आया एक और कड़ा नियम, अनदेखी करने पर लगेगा जुर्माना

NGT ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि खतरनाक प्रदूषकों का उत्सर्जन करने वाले नये उद्योगों को लगाने की तब तक अनुमति नहीं दी जाए जब तक कि इस तरह के अपशिष्ट के निस्तारण की सुविधा उपलब्ध नहीं हो जाती.

नया कारोबार शुरू करने वालों के लिए आया एक और कड़ा नियम, अनदेखी करने पर लगेगा जुर्माना
फाइल फोटो

नई दिल्ली: लॉकडाउन के बाद अगर आप कोई नया कारोबार शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक और कड़ा नियम लागू हो चुका है. इस नियम का पालन नहीं करने पर आपको कारोबार शुरू करने की अनुमति मिल ही नहीं पाएगी. इस लिए पहले ही जान लीजिए वरना हो सकती है दिक्कत.

बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी अनुमति
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने मंगलवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि खतरनाक प्रदूषकों का उत्सर्जन करने वाले नये उद्योगों को लगाने की तब तक अनुमति नहीं दी जाए जब तक कि इस तरह के अपशिष्ट के निस्तारण की सुविधा उपलब्ध नहीं हो जाती.

हरित पैनल ने सीपीसीबी को निर्देश दिया कि ‘प्रदूषक भुगतान’ सिद्धांत के आधार पर पर्यावरण को लगातार क्षति पहुंचाने वालों से उसके दिशानिर्देश के मुताबिक मुआवजे की वसूली की जाए. एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीपीसीबी से कहा कि खतरनाक कचरा उत्पादन करने वाले उद्योगों की पुष्टि के लिए व्यवस्था बनाए. पीठ ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए कि मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों से पर्यावरण मुआवजा वसूला जाए.

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पीठ ने कहा, 'सीपीसीबी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड किसी नये उद्योग को अनुमति नहीं दे सकते हैं जिनके खतरनाक कचरा उत्पादन की संभावना है, जब तक कि इस तरह के कचरे के निस्तारण की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो जाएं.'

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अधिकरण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को निर्देश दिए कि वे 31 अक्टूबर 2020 तक अनुपालन रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपें.