प्राइवेट ट्रेन योजना पर केंद्र सरकार का बड़ा बयान, रेलवे का नहीं होगा निजीकरण

रेलवे के निजीकरण की खबरों पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने आगे आकर साफ-साफ कहा है कि रेलवे का निजीकरण (Railways Privatisation) नहीं किया जा रहा है. कुछ रूट्स पर प्लाइवेट प्लेयर्स को ट्रेन चलाने की मंजूरी से रेलवे की सर्विस में सुधार होगा और नए रोजगार के अवसर मुहैया होंगे. 

प्राइवेट ट्रेन योजना पर केंद्र सरकार का बड़ा बयान, रेलवे का नहीं होगा निजीकरण
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: हाल ही में भारतीय रेलवे (Indian Railways) द्वारा कुछ क्षेत्रों में निजी ट्रेन  (Private Trains) चलाने की योजना का जिक्र होने के बाद से ही निजीकरण की बातें उठ रही हैं. सोशल मीडिया में भारतीय रेलवे के निजीकरण के अफवाहें फैलाई जा रही है. ऐसे में केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा बयान दिया है. केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा है कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा. 

रेलवे के निजीकरण की खबरों पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने आगे आकर साफ-साफ कहा है कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जा रहा है. कुछ रूट्स पर प्लाइवेट प्लेयर्स को ट्रेन चलाने की मंजूरी से रेलवे की सर्विस में सुधार होगा और नए रोजगार के अवसर मुहैया होंगे. 

पीयूष गोयल ने अपने ट्वीट में साफ-साफ कहा है, 'रेलवे की वर्तमान में चल रही सेवाओं में बिना कोई परिवर्तन किए, निजी भागीदारी द्वारा आधुनिक सुविधाओं से युक्त 151 नई ट्रेनें चलेंगी. इन ट्रेनों से रेलवे का निजीकरण नही होगा, बल्कि इस भागीदारी से आधुनिक सुविधा, सुरक्षा सहित सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसका लाभ यात्रियों को मिलेगा.'

 

109 रूट्स पर चलेंगी प्राइवेट ट्रेन
बताते चलें कि सरकार ने 109 रूट्स पर प्राइवेट प्लेयर्स की मदद से 151 आधुनिक ट्रेन (Private trains) चलाए जाने की योजना तैयार की है. सरकार के इस फैसले से रेलवे के निजीकरण (Railway Privatisation) को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें वायरल हो रही हैं जिनमें यह कहा जा रहा है कि सरकार भारतीय रेल का प्राइवेटाइजेशन करने जा रही है.

ये भी देखें-

ये भी पढ़ें: GOOD NEWS! अगले तीन महीने आएगी ज्यादा सैलरी, PF खाते में खुद पैसा डालेगी मोदी सरकार

रेलवे की योजना 109 रूटों पर 151 आधुनिक ट्रेन चलाने की है. इसमें प्राइवेट सेक्टर से करीब 30,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा. रेलवे नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए प्राइवेट निवेश के लिए यह पहला कदम है.