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OECD on Indian Economy : ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट यानी वैश्विक आर्थिक संस्था OECD ने भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर सकारात्मक अनुमान जारी किया है. OECD ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की GDP ग्रोथ दर का अनुमान 20 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया है, जबकि FY28 के लिए 6.4 प्रतिशत की ग्रोथ रेट का अनुमान बरकरार रखा है.
साथ ही OECD ने FY27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर के अनुमान को 30 बेसिस पॉइंट घटाकर 4.8 प्रतिशत कर दिया है. ये संकेत देता है कि आने वाले समय में महंगाई का दबाव कम हो सकता है और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल सकती है.
OECD की रिपोर्ट के अनुसार भारत वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और औद्योगिक सप्लाई चेन में तेजी से अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है. चीन की तुलना में कम सरकारी सहायता मिलने के बावजूद भारत कई प्रमुख क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2005 से 2024 के बीच चीनी औद्योगिक कंपनियों को OECD देशों की कंपनियों की तुलना में औसतन 3 से 8 गुना अधिक सरकारी समर्थन मिला. इसके बावजूद भारत ने वैश्विक उत्पादन और सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई है.
OECD ने एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र को भारत के लिए उभरते हुए अवसरों वाला क्षेत्र बताया है. पहले यह उद्योग मुख्य रूप से उत्तर अमेरिका और पश्चिमी यूरोप की कंपनियों के नियंत्रण में था. लेकिन अब भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई देश वैश्विक सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. भारत अब केवल पुर्जों का आपूर्तिकर्ता नहीं रह गया है, बल्कि धीरे-धीरे ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है.