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महीने दर महीने टूटती गई आस- इस साल अब तक 140 बार बढ़े पेट्रोल के दाम

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की वेबसाइट से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक 2018 में अभी तक पेट्रोल की कीमतों में 140 बार बढ़ोतरी हुई है, जबकि इसी दौरान डीजल की कीमत 142 बार बढ़ाई गई.

महीने दर महीने टूटती गई आस- इस साल अब तक 140 बार बढ़े पेट्रोल के दाम
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते देश की बड़ी आबादी बेचैन है.

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते देश की बड़ी आबादी बेचैन है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव चढ़ने के साथ ही घरेलू बाजार में कीमत बढ़ने की एक वजह टैक्स में बढ़ोतरी भी है. इसके चलते इस साल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का नया रिकॉर्ड बना है. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की वेबसाइट से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक 2018 में अभी तक पेट्रोल की कीमतों में 140 बार बढ़ोतरी हुई है, जबकि इसी दौरान डीजल की कीमत 142 बार बढ़ाई गई.

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न्यूज वेबसाइट फैक्टली के मुताबिक जनवरी से सिंतबर 2018 के दौरान दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतों में 140 बार और कोलकाता में 141 बार बढ़ोतरी हुई. दूसरी ओर इन शहरों में 132 बार कीमतें या तो कम की गईं या उनमें कोई बदलाव नहीं हुआ. डीजल के मामले में कोलकाता में 143 बार और बाकी मेट्रो में 142 बार बढ़ोतरी की गई.

कितनी हुई बढ़ोतरी 
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कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने 2010 में पेट्रोल-डीजल की कीमत को बाजार आधारित करने का निर्णय किया था, हालांकि ये फैसला पूरी तरह एनडीए शासन के दौरान अक्टूबर 2014 में लागू हुआ. उस समय ऑयल मार्केटिंग कंपनियां प्रत्येक 15 दिन में कीमतों की समीक्षा करती थीं. ये व्यवस्था जून 2017 तक चली. इसमें दिक्कत ये थी कि 15 दिन में कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव हो जाता था और फिर एक साथ ज्यादा बढ़ोतरी करने पर लोग नाराज हो सकते थे. इसलिए सरकार ने तेल कंपनियों को प्रतिदिन कीमतों की समीक्षा करने की इजाजत दे दी.

आईओसी के आंकड़ों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि जनवरी से सितंबर 2018 के बीच चार मेट्रो में पेट्रोल की कीमतों में कम से कम 12 रुपये की बढ़ोतरी हुई. इस दौरान सबसे अधिक 14.27 रुपये की बढ़ोतरी चेन्नई में दर्ज की गई. प्रतिशत के लिहाज से बात करें तो इन नौ महीनों के दौरान चेन्नई में कीमतें 19.67 प्रतिशत बढ़ीं. बाकी मेट्रो में कम से कम 16 प्रतिशत दाम बढ़े. इस दौरान इन कंपनियों को मिलने वाले तेल (इंडियन बास्केट) की कीमत 20 प्रतिशत बढ़ी. डीजल की बात करें तो चार मैट्रो में जनवरी से सितंबर 2018 के बीच कीमतों में कम से कम 14 रुपये का इजाफा हुआ. सबसे अधिक बढ़ोतरी चेन्नई में देखने को मिली, जो 16.18 रुपये थी. प्रतिशत के लिहाज से बात करें तो इस दौरान चेन्नई में दाम 25.72 प्रतिशत बढ़े.