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रूस और ओएनजीसी विदेश की संयुक्त परियोजना सखलिन-1 का प्रधान ने किया दौरा

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों रूस के दौरे पर हैं. गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर रूस में सखलिन ऑइल फील्ड के दौरे से जुड़ी कुछ तस्वीरें साझा की.

रूस और ओएनजीसी विदेश की संयुक्त परियोजना सखलिन-1 का प्रधान ने किया दौरा

नई दिल्ली : केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों रूस के दौरे पर हैं. गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर रूस में सखलिन ऑइल फील्ड के दौरे से जुड़ी कुछ तस्वीरें साझा की. गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में सखलिन परियोजना में भारत ओएनजीसी विदेश लिमिटेड के जरिये 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी ली थी. प्रधान ने एक बयान में कहा कि इस परियोजना को प्रत्यक्ष रूप से देखने और यहां कार्य करने वाले इंजीनियरों से संवाद स्थापित करना एक बेहतरीन अनुभव रहा. इस दौरान उन्होंने द रिंग 'क्रीचट' the Rig 'Krechet' जो कि दुनिया में तेल और प्राकृतिक गैस निकालने की सबसे बड़ी लैंड रिग है.

-49 डिग्री सेल्सियस पर इंजीनियर करते हैं काम
इस ऑयल एक्सप्लोरेशन रिंग में लगी ड्रिल 14,00 किमी होरिजेंटल ड्रिलिंग कर सकती हैं. वहीं यहां जो इंजीनियर काम करते हैं, उन्हें -49 डिग्री सेल्सियस पर भी काम करना पड़ता है. नई तकनीक और सुविधाओं से लैस इंजीनियरों से मिलकर केंद्रीय मंत्री ने उनके अनुभव जाने.

2055 तक होगा तेल और गैस का उत्खनन
उल्लेखनीय है कि सखलिन परियोजना में भारतीय सार्वजनिक उपक्रम ओएनजीसी विदेश लिमिटेड की 20 फीसदी हिस्सेदारी है. एक्सॉन मोबिल, रोसनेफ्ट, जापानी कंपनी SODECO केसाथ ओएनजीसी विदेश लिमिटेड इस परियोजना से 2055 तक तेल और प्राकृतिक गैस का उत्खनन करेगी.