सरकार की सख्ती से सस्ता हो गया प्याज, लेकिन कारोबारी हुए नाराज, जानिए वजह

प्याज (Onion) की कीमतों पर सरकार के कदमों का असर दिखने लगा है. प्याज की रीटेल कीमतों (retail prices) में 10 रुपये की कमी आई है. प्याज उत्पादक क्षेत्रों में भी कीमतों में गिरावट का ट्रेंड दिखा  है.

सरकार की सख्ती से सस्ता हो गया प्याज, लेकिन कारोबारी हुए नाराज, जानिए वजह

नई दिल्ली: प्याज (Onion) की कीमतों पर सरकार के कदमों का असर दिखने लगा है. प्याज की रीटेल कीमतों (retail prices) में 10 रुपये की कमी आई है. प्याज उत्पादक क्षेत्रों में भी कीमतों में गिरावट का ट्रेंड दिखा  है. महाराष्ट्र के लासलगांव, जो कि एशिया का सबसे बड़ा प्याज का थोक बाजार (wholesale market) है, यहां पर प्याज की थोक कीमतें सिर्फ एक दिन में 5 रुपये गिरकर 51 रुपये प्रति किलो पर आ गई हैं. 

आखिर सस्ता हुआ प्याज 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चेन्नई में प्याज की थोक कीमतें 23 अक्टूबर को 76 रुयपे से गिरकर अब 66 रुपये पर आ गईं हैं. इसी तरह मुंबई, बैंगलुरू और भोपाल में भी थोक भाव 5-6 रुपये प्रति किलो से घटकर 70 रुपये, 64 रुपये और 40 रुपये प्रति किलो हो गए हैं.

आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याज की आवक 530 टन बढ़ी है, जबकि मुंबई में रोजाना आवक 885 टन से बढ़कर 1560 टन हो गई है. चेन्नई में रोजाना आवक 1120 टन से बढ़कर 4000 टन और बैंगलुरू में रोजाना आवक 2500 टन से बढ़कर 3,000 टन पहुंच चुकी है. इसके अलावा लखनऊ, भोपाल, अहमदाबाद, पुणे और अमृतसर में भी रोजाना आवक बढ़ी है. आवक बढ़ने से अनुमान है कि प्याज की कीमतें दिवाली तक और कम हो सकती है. 

प्याज की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने जो दो जरूरी कदम उठाने का फैसला कर लिया है. उसके बारे में बताते हैं. 

प्याज की स्टॉक लिमिट तय

सरकार ने प्याज की स्टॉक लिमिट (Onion Stock Limit) को भी तय कर दिया है. इसके तहत थोक और खुदरा व्यापारियों के लिए अलग-अलग स्टॉक लिमिट तय की गई है. सरकार ने थोक विक्रेताओं के लिये प्याज की स्टॉक लिमिट को 25 मीट्रिक टन और खुदरा व्यापारियों के लिये 2 मीट्रिक टन निर्धारित किया है. ये स्टॉक लिमिट शुक्रवार 23 अक्टूबर से लेकर के 31 दिसंबर 2020 तक प्रभावी रहेगी.

लाल प्याज का होगा आयात

वहीं सरकार ने MMTC को लाल प्याज का आयात (Onion Import) करने के लिए भी आदेश जारी कर दिया है. आदेश मिलने के बाद MMTC जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी करेगी. सरकार का कहना है कि 15 लाख टन प्याज के निर्यात होने की वजह से देश भर में प्याज की कमी हो गई है. 

नासिक के कारोबारी नाराज 

लेकिन प्याज की कीमतों को काबू करने के केंद्र सरकार के उठाए कदमों से महाराष्ट्र के नासिक के प्याज व्पायारी नाराज हैं. महाराष्ट्र के नासिक में आज प्याज के कारोबारियों ने प्याज की खरीदारी नहीं के बराबर की है. दरअसल, केंद्र सरकार ने बेतहाशा बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए प्याज की स्टॉक लिमिट तय कर दी., जिसके मुताबिक व्यापारी सिर्फ 25 टन प्याज ही गोदामों में रख सकते हैं. ताकि प्याज की होर्डिंग न हो और मार्केट में प्याज की कमी के चलते दाम न बढ़ें. 

नासिक में एक प्याज व्यापारी आमतौर पर 3000 टन प्याज अपने गोदाम में रखता हैं. जबकि एक ट्रक में ही 30 टन तक प्याज आ जाता है. ऐसे में अगर व्यापारी की तरफ से एक ट्रक भी प्याज खरीदी की जाती है तो इससे सरकार के आदेश का उलघंन होता है. सरकार के इस फरमान से नाराज व्यापारियों ने प्याज नहीं खरीदने का फैसला किया है.

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