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कंगाल पाकिस्तान की एक और फजीहत, बिल नहीं चुकाने पर कट सकती है PMO की बिजली

कंगाल पाकिस्तान की दुनिया के सामने एक और फजीहत हो गई है. महंगाई की मार से पड़ोसी मुल्क के हालात दिन पर दिन खराब हो रहे हैं. पिछले दिनों महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान ने लग्जरी कारों की नीलामी की थी.

कंगाल पाकिस्तान की एक और फजीहत, बिल नहीं चुकाने पर कट सकती है PMO की बिजली

नई दिल्ली : कंगाल पाकिस्तान की दुनिया के सामने एक और फजीहत हो गई है. महंगाई की मार से पड़ोसी मुल्क के हालात दिन पर दिन खराब हो रहे हैं. पिछले दिनों महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान ने लग्जरी कारों की नीलामी की थी. वहां पर महंगाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पेट्रोल-डीजल के रेट आसमान छू रहे हैं और सोना भारत से दोगुने रेट पर बिक रहा है. अब पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के दफ्तर की बिजली काटने की धमकी दी गई है. बताया जा रहा है कि पीएमओ ने महीनों से इस्‍लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्‍लाई कंपनी (IESCO) का बिल नहीं भरा. बिजली बिल का बकाया करोड़ों रुपये में बताया जा रहा है.

कंपनी ने बकाया भरने का नोटिस जारी किया
IESCO ने लगातार बिल का पेमेंट न होने पर इमरान खान के सेक्रेटेरिएट की बिजली काटने की धमकी दी है. साथ ही बकाया भरने का नोटिस जारी किया है. पाकिस्‍तानी मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री के सेक्रेटेरिएट का इस महीने का बिल 41 लाख रुपये का है. पिछले महीने का बिल 35 लाख रुपये का है.

बिल नहीं चुकाया तो कटी रहेगी बिजली
कंपनी के सूत्रों की मानें तो इमरान खान कई बार नोटिस देने के बाद भी बिल नहीं चुका रहे हैं. अगर अब बिल का पेमेंट नहीं किया गया तो सेक्रेटेरिएट की लाइट काट दी जाएगी. पाकिस्‍तान में बिजली की बहुत बड़ी समस्‍या है. इधर, यह और ज्‍यादा बढ़ गई है. इस्‍लामाबाद को छोड़कर कराची, लाहौर, मुल्‍तान आदि शहरों में जनता ने कई बार हिंसक प्रदर्शन किया. क्‍योंकि उन्‍हें कई-कई दिन बिना बिजली के काटना पड़ता है. गर्मी में तो एक बार पूरे पाकिस्‍तान की बिजली आधे दिन के लिए गुल हो गई थी.

इमरान खान सरकार को एक साल पूरे
इस बीच, पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर भी एक रिपोर्ट आई है, जिसमें आर्थिक आंकड़े बताते हैं कि खर्च पर कंट्रोल के लिए जो भी कदम उठाए गए, वे नाकाम रहे जबकि रेवेन्‍यू में भारी गिरावट आई, जोकि कारोबारी साल की पहले 3 क्‍वार्टर में पहले ही शुरू हो चुकी थी. आपको बता दें कि पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार के एक साल पूरे हो चुके हैं.