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पनामा पेपर लीक में 1140 करोड़ रुपए के कालेधन का खुलासा, 'बड़ों' पर आयकर ने शिकंजा कसा

पनामा पेपर लीक में भारतीयों के टैक्‍स हैवन (कर छूट वाले देशों) देशों में धन छिपाने के बड़े खुलासे के बाद कर अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है.

पनामा पेपर लीक में 1140 करोड़ रुपए के कालेधन का खुलासा, 'बड़ों' पर आयकर ने शिकंजा कसा
पनामा पेपर के 16 मामलों में आपराधिक अभियोजन शुरू. (प्रतीकात्‍मक फोटो)
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नई दिल्‍ली: पनामा पेपर लीक में भारतीयों के टैक्‍स हैवन (कर छूट वाले देशों) देशों में धन छिपाने के बड़े खुलासे के बाद कर अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है. केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि पनामा की लॉ फर्म मोसैक फोनसेका से जुड़े 1 करोड़ 12 लाख ताजा दस्‍तावेज में भारतीय उद्योगपतियों के नाम सामने आने की हम गहनता से जांच करेंगे. इसके लिए एक संयुक्‍त टीम बनाई गई है. उन्‍होंने कहा कि नए नाम और ब्‍योरा सामने आने की प्रारंभिक जांच तुरंत शुरू कर दी गई थी. हम 2016 में हुए खुलासे की भी जांच कर रहे हैं. 

1140 करोड़ के विदेशी निवेश का पता चला
चंद्रा ने कहा कि दस्‍तावेजों से जिन भारतीयों के टैक्‍स हैवन में निवेश करने की जानकारी हुई है उन्‍होंने काला धन घोषणा योजना के दौरान इसका खुलासा नहीं किया था. सीबीडीटी को 1140 करोड़ रुपए के अघोषित विदेशी निवेश का पता चला है. पनामा पेपर से जुड़े 62 मामलों में कार्रवाई जारी है और यह पता चला है कि विदेशी बैंकों में बेशुमार धन जमा किया गया है. यह जानकारी 2016 में पनामा पेपर लीक के बाद हुई थी. चंद्रा ने बताया कि पहले खुलासे के बाद हमने विभिन्‍न देशों के अफसरों से मदद ली थी. उन्‍होंने जानकारी उपलब्‍ध कराई और उसे हमारे अधिकारियों ने यहां से मिलान कराया. उसमें ही बड़े विदेशी निवेश का खुलासा हुआ.

16 मामलों में आपराधिक अभियोजन शुरू
इंडियन एक्‍सप्रेस
की रिपोर्ट के अनुसार सीबीडीटी के मुताबिक पनामा पेपर के 16 मामलों में आपराधिक अभियोजन शुरू हो चुका है. विभिन्‍न देशों की अदालतों में केस चल रहा है और काला धन अधिनियम की धारा 10 के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है. ऐसा 32 मामलों में हुआ है. इसी प्रकार ताजा खुलासे की भी जांच होगी. उनकी गहनता से स्‍क्रूटनी होगी. प्रवर्तन निदेशालय भी इसमें जांच कर रहा है. साथ ही कई और एजेंसियों की मदद ली जा रही है.

2016 में पहली बार सामने आए थे कई बड़े नाम
2016 में पनामा की लॉ फर्म मोसैक फोनसेका की 1 करोड़ 10 लाख से ज्‍यादा बेहद खुफिया दस्तावेज लीक हुए थे. इन दस्तावेजों से खुलासा हुआ था कि कैसे दुनिया के ताकतवर और प्रभावशाली लोग टैक्स हैवन देशों का इस्तेमाल कर अपनी बेशुमार दौलत को छिपाते हैं. टैक्स हैवन में दौलत छुपाने वालों की सूची में नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, व्यापार से जुड़ी कई नामचीन हस्तियों के नाम हैं. इसमें पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ, पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद, बार्सिलोना के खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी शामिल हैं.