केरल के लिए 10 हजार का दान देकर ट्रोल हुए Paytm मालिक, ट्विटर पर ऐसे उड़ा मजाक

केरल में आई बाढ़ ने देश के साथ ही विदेशों में रह रहे लोगों को झकझोर के रख दिया है. यही वजह है कि दुनिया भर में इसके लिए कैंपेन चल रहे हैं. 

केरल के लिए 10 हजार का दान देकर ट्रोल हुए Paytm मालिक, ट्विटर पर ऐसे उड़ा मजाक

केरल में आई बाढ़ ने देश के साथ ही विदेशों में रह रहे लोगों को झकझोर के रख दिया है. यही वजह है कि दुनिया भर में इसके लिए कैंपेन चल रहे हैं. बाढ़ पीड़ितों की मदद की खातिर देश में हर कोने से योगदान मिल रहा है. इसी कड़ी में ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर कंपनी पेटीएम ने भी एक कैंपेन चलाया है. पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने इस कैंपेन की शुरुआत करते हुए सबसे पहले खुद बाढ़ पीड़ितों के लिए रकम दान की. उन्होंने पेटीएम ऐप से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 10 हजार रुपये का योगदान किया. हालांकि, अपने इस योगदान के लिए वह ट्विटर पर ट्रोल हो गए.

10 हजार के दान का किया ट्वीट
विजय शेखर शर्मा ने पेटीएम के जरिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 हजार रुपए का योगदान दिया. उन्होंने इसका एक ट्वीट करते हुए ऐलान किया कि मैंने अपना 10 हजार रुपए का योगदान दे दिया अब आपकी बारी. हालांकि, सोशल मीडिया को अरबपति विजय शेखर का सिर्फ 10 हजार रुपए का दान नहीं भाया और उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई. ट्विटर यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया और कहा यह पेटीएम का विज्ञापन करने जैसा है. 

पेटीएम ने दी सफाई
हालांकि, कुछ यूजर्स ने विजय शेखर का समर्थन करते हुए लिखा कि पेटीएम ऐप से सिर्फ 10 हजार रुपए भेजे जा सकते हैं. इस वजह से विजय शेखर शर्मा का 10 हजार का योगदान नजर आ रहा है. बाद में इसको लेकर पेटीएम ने भी अपने आधिकारिक ब्लॉग पर सफाई दी.

इस दौरान एक यूजर ने लिखा भारत से सबसे कम उम्र के अरबपति विजय शेखर शर्मा, जिनकी कुल संपत्ति 1.7 अरब डॉलर है. एक स्क्रीनशॉट के जरिए 10 हजार केरल को दान करके खुद का प्रोमोशन कर रहे हैं. हालांकि, बाद में विजय शेखर ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया.

पेटीएम ने लिखा ब्लॉग
पेटीएम ने अपने ब्लॉग पर विजय शेखर शर्मा के ट्वीट को लेकर सफाई दी. ब्लॉग में बताया गया, ''हमारे सीईओ विजय शेखर शर्मा की तरफ से ट्वीट एक अच्छी नीयत के साथ किया गया था. इसका मकसद सिर्फ दूसरों को डोनेट करने के लिए प्रेरित करना था. लेकिन सिर्फ रकम को प्रकाश में लाकर इसे गलत तरीके से पेश किया गया.''

एक और यूजर ने लिखा कि उन्होंने अपनी ऐप को प्रोमोट करने के लिए 10000 रुपए खर्च किए हैं. वह उसे मार्केटिंग बजट में डाल देंगे. एकदम ओछी, शर्मनाक.

बिना चार्ज डोनेट कर सकते हैं पैसा
पेटीएम ने ये भी बताया कि उसके प्लैटफॉर्म से जो भी पैसे केरल बाढ़ पीड़ितों की खातिर डोनेट किए जा रहे हैं. उसके लिए कंपनी किसी भी तरह का चार्ज नहीं ले रही है. जबकि पेटीएम कार्ड पेमेंट्स के लिए तकरीबन 2 फीसदी फीस चुका रहा है.

एक और यूजर ब्राउन साहिबा ने लिखा कि अरबपति विजय शेखर की तरफ से 10 हजार का बड़ा दान दिया और फिर एक स्क्रीनशॉट डालकर पेटीएम और खुद को प्रोमोट किया. ओछेपन की हद है.

जमा किए 40 करोड़
कंपनी ने अपने ऐप पर ये भी साफ किया था कि पेटीएम के जरिये एक करोड़ तक के डोनेशंस को वह मैच करेगा. मतलब यह हुआ कि जब तक पेटीएम से योगदान 1 करोड़ रुपए तक नहीं पहुंचा, तब तक हर यूजर ने जितना डोनेट किया होगा, पेटीएम ने भी अपनी तरफ से उतनी ही रकम डोनेट की. कंपनी ने ये भी बताया कि उन्होंने 20 अगस्त तक सबके यानी 4 दिन में ही 30 करोड़ रुपए की राशि जमा कर ली है. हालांकि, यह अांकड़ा अब बढ़कर 40 करोड़ रुपए पहुंच गया है.