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जल्द 6 रुपये लीटर तक बढ़ सकता है पेट्रोल का रेट, एक्सपर्ट से जानिए कारण

Petrol-Diesel Price In India : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी की दो प्लांट पर हमले के बाद तेल की आपूर्ति बाधित होने से इस महीने के अंत तक देश में पेट्रोल और डीजल के दाम (Petrol-Diesel Price) में पांच से छह रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो सकता है.

जल्द 6 रुपये लीटर तक बढ़ सकता है पेट्रोल का रेट, एक्सपर्ट से जानिए कारण

मुंबई : दुनिया की बड़ी तेल उत्पादक कंपनी अरामको के दो प्लांट पर हमले के बाद तेल की आपूर्ति बाधित होने से इस महीने के अंत तक देश में पेट्रोल और डीजल के दाम (Petrol-Diesel Price) में पांच से छह रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो सकता है. ऐसा एक्सपर्ट का अनुमान है. कोटक की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उछाल आने के कारण भारत की तेल कंपनियां आने वाले 15 दिनों डीजल और गैसोलीन के दाम में 5 से 6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी (Petrol-Diesel Price) कर सकती हैं. अगर यह अनुमान सही हुआ तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत सितंबर के अंत तक 78 रुपये प्रति लीटर हो सकती है. मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल 72.17 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

57 लाख बैरल तेल का उत्पादन बाधित हुआ
सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमले के बाद सोमवार को तेल का दाम तकरीबन 20 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 71 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया था. हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट आई. तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको ने एक बयान में कहा, 'हमले के कारण रोजाना 57 लाख बैरल तेल का उत्पादन बाधित हुआ है.' जानकारों ने बताया कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी अरामको पर हमले के कारण तेल के दाम में अगले कुछ दिनों के दौरान तेजी बनी रहेगी.

सऊदी से तेल की आपूर्ति बाधित की गई
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट के जरिये कहा, 'हमले से सऊदी अरब से तेल की आपूर्ति बाधित की गई है. इस कारण हमारा मानना है कि हम दोषी को जानते हैं, लेकिन हम किंगडम की ओर से सुनना चाहते हैं कि वे किसे हमले का जिम्मेदार मानते हैं और हम किन शर्तों के तहत इस पर कार्रवाई करेंगे.' किंगडम के आंतरिक मामलों के मंत्री ने कहा कि शनिवार को आरामको के दो प्रमुख तेल संयंत्रों पर हमला करने का दावा यमन के हौती विद्रोहियों ने किया है.

कौन हैं हूती विद्रोही?
लंबे वक्त से सऊदी और यमन सरकार के खिलाफ युद्धरत है. पिछले महीने शयबाह नेचुरल गैस साइट पर हमला किया था. 2015 से यमन सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. यमन की राजधानी सना समेत ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा है. यमन की सेना की मदद करने से सऊदी भी निशाने पर है. माना जाता है कि ईरान हूती विद्रोहियों की मदद करता है.