मकान मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी! किराया नहीं, तो टैक्स भी नहीं होगा भरना

अगर आप मकान मालिक हैं, तो आपकी एक टेंशन ITAT के फैसले ने खत्म कर दी है. आपको अगर किराएदार किराया नहीं दे रहा है तो आपको टैक्स भी नहीं भरना होगा. पूरा मामला और फैसला समझिए.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Dec 04, 2020, 10:18 AM IST

नई दिल्ली: देश भर के मकान मालिकों (Landlords) के लिए जरूरी और अच्छी खबर है. दरअसल, कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के दौरान बड़ी संख्या में किराएदार किराया नहीं दे पा रहे थे. लेकिन मकान मालिकों को उस किराए पर टैक्स फिर भी चुकाना पड़ रहा था. ऐसे में इनकम टैक्‍स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बेंच ने मकान मालिकों के हित में एक बड़ा फैसला दिया है

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क्या है मकान मालिकों के लिए ITAT का फैसला?

what is itat order

इनकम टैक्‍स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बेंच ने अपने आदेश में कहा कि अगर किसी मकान मालिक का किरायेदार, जो 10 हजार रुपये किराया दे रहा है. मान लीजिए उसने वित्त वर्ष 2020-21 के 12 महीनों में 8 महीने का ही किराया दिया है, और बाकी 4 महीने का किराया बाद में देने को कह रहा है. तो टैक्स सिर्फ 8 महीने के किराए पर वसूला जाएगा न कि उस किराए पर जो कि लिया ही नहीं गया. ऐसे किराये पर आयकर विभाग की तरफ से टैक्स लगाया जाना पूरी तरह से गलत तथा अवैधानिक है.

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सिर्फ उतने किराए पर टैक्स जितना मिला

tax only on rent received

अगर पूरे 12 महीने के किराए की बात करें तो उस साल मकान मालिक की किराए से कुल आय 1 लाख 20 हजार रुपए होनी चाहिए, लेकिन अब वह सिर्फ 80 हजार रुपये ही रहेगी. ऐसे में 80 हजार रुपये को ही उस वित्त वर्ष की किराये से होने वाली आय माना जाएगा. अगर किरायेदार इन 4 महीनों का किराया यानी 40 हजार रुपये वित्त वर्ष 2020-21 में नहीं दे पता है, तो मकान मालिक को इस पर अब इनकम टैक्स नहीं देना होगा.

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ये है पूरा मामला

this is the whole issue

दरअसर किराए से होने वाली आय को लेकर एक मामला ITAT में चल रहा था, कई बार होता है कि किराएदार किराया देने में असमर्थ रहता है, लेकिन मकान मालिक पर इनकम टैक्स किराया न मिलने के बाद भी उसे आय मान कर इस पर टैक्स लगा रहा था. ITAT की मुंबई बैंच ने किराए से होने वाली आय पर लगने वाले टैक्स को लेकर एक बेहद साफ आदेश दिया है, जिसके मुताबिक किसी संपत्ति के मालिक को किरायेदार किराया नहीं दे रहा है, तो संपत्ति के मालिक को उस इनकम पर टैक्स नहीं भरना होगा.

 

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मकान मालिकों को होगा फायदा

benefit to landlords

इनकम टैक्‍स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बेंच का यह फैसला उन लोगों के लिए अच्छा है जिनके किराएदार कोरोना महामारी की वजह से या किसी अन्य कारणों के चलते किराया नहीं दे पा रहे थे. ऐसे में किराएदार और मकान मालिकों के बीच विवाद होने की आशंका भी कम हो जाएगी.

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अभी क्या है नियम

what is current rule

अब तक ये मान लिया जाता था कि मकान मालिक को किराया मिल ही जाएगा, इसीलिए उस पर उसी वित्त वर्ष में किराए की आय पर लगने वाला टैक्स वसूला लिया जाता है. लेकिन अब ये माना गया है कि हो सकता है कि किरायेदार अगर किराया दे ही नहीं पता है, तो मकान मालिक पर टैक्स का बोझ डालना गलत है.