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PMC के ग्राहकों को नुकसान नहीं होने दूंगी: निर्मला सीतारमण

वहीं वित्त मंत्री ने दोहराया, 'PMC बैंक केस में कस्टमर को नुकसान नहीं होने देंगे, मैंने RBI से कहा है और RBI ने इसका आश्वासन दिया है. इस मामले में ED ने कर्रवाई की है , प्रापर्टी अटैच की है, हम कोशिश कर रहे हैं कि पूरी संपत्ति अटैच हो ताकि कस्टमर को उसका हित का दे सकें. हमने RBI को कहा है कि जल्द प्रोसेस पूरी करे.'

PMC के ग्राहकों को नुकसान नहीं होने दूंगी: निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.

नई दिल्ली: अर्थव्यस्था को बल देने और नकदी का प्रवाह लगातार बनाए रखने के मकसद से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सभी सरकारी बैंक प्रमुखों के साथ मीटिंग की. मीटिंग में वित्त सेवाओं के सचिव राजीव कुमार ने बताया कि सरकार ने अक्टूबर की शुरुआत में त्योहार के 9 दिनों में 81,781 करोड़ रुपए के लोन बांटे, जिसमें से 34,243 करोड़ रुपये नये टर्म लोन हैं. जबकि प्राइवेट बैंकों ने कितने बांटे हैं इसका आंकड़ा आना बाक़ी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बताया, 'नकदी का प्रवाह बनाने के लिए बैंकों ने पहले चरण में ये लोन बांटे हैं अगला चरण 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक होगा. लोन देने के लिए जो निर्धारित नियम है उसमें बदलाव नहीं किये गया बल्कि लोन ग्राहकों तक आसानी से लोन सेवा पहुंचाने के मकसद से ये लोन बांटे गए हैं.' लोन बांटने का नया चरण 150 ज़िलों से ज्यादा जगह होगा.

बैंकों से वित्त मंत्री की मीटिंग के दौरान MSME कंपनियों को आ रही नगदी की समस्या का हल भी एक मुद्दा था. ये पता लगा कि MSME कंपनियों को बड़ी कंपनियों से 40,000 करोड रुपये वापस लेने हैं. ये वो रकम हैं जो बड़ी कंपनियों को MSME कंपनियों द्वारा किए गए काम के एवज़ में देने थे. MSME के करीब 70,000 बिल अटके हुए हैं. वित्त मंत्री ने MSME कंपनियों को लोन बांटने में तरजीह देने को कहा. ये भी कहा जिनके बिल अटके हैं उनको बिल डिस्काउंट मिलेगा. जो MSME बिल डिस्काउंट नहीं लेंगे उनके बिल जल्दी क्लीयर करवाने के लिए कॉरपोरेट मामलों के सचिव सभी बड़ी कंपनियों को चिट्ठी लिखेंगे.

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वहीं वित्त मंत्री ने दोहराया, 'PMC बैंक केस में कस्टमर को नुकसान नहीं होने देंगे, मैंने RBI से कहा है और RBI ने इसका आश्वासन दिया है. इस मामले में ED ने कर्रवाई की है , प्रापर्टी अटैच की है, हम कोशिश कर रहे हैं कि पूरी संपत्ति अटैच हो ताकि कस्टमर को उसका हित का दे सकें. हमने RBI को कहा है कि जल्द प्रोसेस पूरी करे.'

वित्त मंत्री ने ये साफ किया कि कुछ लोग कह रहे हैं कि बीमा के 1 लाख रुपये तुरंत दिये जाएं पर नियम यह है कि ये पूरी प्रोसेस खत्म होने पर ही बीमा की राशि दी जा सकती है. हालांकि 1 लाख रुपये के बीमा की राशि बढ़ाने पर विचार चल रहा है, ये डिपाजिट इंश्योरेंस के नियमों में संशोधन से होगा उचित समय पर इस मामले पर कार्रवाई होगी.