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चुनिंदा PSU में हिस्सा बिक्री को लेकर PMO ने विनिवेश मंत्रालय को दिया आदेश

मंत्रालयों के विरोध के चलते पीएसयू में हिस्सा बिक्री को लेकर अभी तक सरकार की तरफ से फैसला नहीं हो सकता है. 

चुनिंदा PSU में हिस्सा बिक्री को लेकर PMO ने विनिवेश मंत्रालय को दिया आदेश
फोटो-pmindia.gov.in

नई दिल्ली: सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने विनिवेश मंत्रालय को चुनिंदा पीएसयू या सरकारी उपक्रमों में हिस्सा बिक्री के मामले में आदेश दिया है. पीएमओ ने विनिवेश मंत्रालय से कहा है कि वह पीएसयू की हिस्सा बिक्री के बारे में केंद्रीय कानून और कॉर्पोरेट मंत्रालय से राय लें. ऐसी भी खबर है कि पीएसयू हिस्सा बिक्री को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय इस महीने के अंत तक विशेषज्ञों के साथ बैठक कर सकता है. बता दें कि मंत्रालयों के विरोध के चलते पीएसयू में हिस्सा बिक्री को लेकर अभी तक सरकार की तरफ से फैसला नहीं हो सकता है. 

बता दें कि केंद्र सरकार ने अपनी कई कंपनियों के निजीकरण करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि दिवाली से पहले इसका खाका तैयार कर लिया जाएगा. ऐसी भी खबर थी कि नई नीति के तहत नीति आयोग और निवेश व लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) को नोडल विभाग बना दिया गया है.

क्या है DIPAM
विनिवेश विभाग यानि डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एस्सट मैनेजमेंट (DIPAM) की स्थापना 10 दिसम्बर, 1999 को एक अलग विभाग के रूप में की गई थी और बाद में 06 सितम्बर, 2001 से इसका नाम बदलकर विनिवेश मंत्रालय कर दिया गया था...

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         ...27 मई, 2004 से विनिवेश विभाग वित्त मंत्रालय के अधीन एक विभाग था. इसके बाद 14 अप्रैल 2016 से विनिवेश विभाग का नाम बदलकर निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) कर दिया गया है.

क्या काम करता है DIPAM
सामरिक विनिवेश सहित विनिवेश के लिए प्रशासनिक मंत्रालयों, नीति आयोग आदि की सिफारिशों पर निर्णय लेना इस विभाग का काम है. इक्विटी में सरकारी निवेश जैसे कि पूंजी पुनर्गठन, बोनस, लाभांश, सरकारी इक्विटी के विनिवेश तथा अन्य संबंधित मुद्दों के प्रयोजन हेतु केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों से संबंधित मामलों में निर्णय लेना. केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों के वित्तीय पुनर्गठन के मामलों में तथा पूंजी बाजारों के माध्यम से निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार को सलाह देना.