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Jet Airways को बचाने के लिए बैंकर्स प्रतिबद्ध, लेकिन बोली नहीं लगाएंगे नरेश गोयल

जेट एयरवेज कर्जदाताओं से 1,500 करोड़ रुपये के अंतरिम वित्त पोषण प्राप्त करने का इंतजार कर रही है. सोमवार को इसको लेकर बैठक भी हुई थी.

Jet Airways को बचाने के लिए बैंकर्स प्रतिबद्ध, लेकिन बोली नहीं लगाएंगे नरेश गोयल
इस बीच नरेश गोयल ने जेट एयरवेज की बोली प्रक्रिया से अपना नाम वापस ले लिया है. (फाइल)

नई दिल्ली: जेट एयरवेज जहां आपातकालीन निधि का इंतजार कर रही है, वहीं एयरलाइन के कर्जदाताओं ने मंगलवार को कहा कि वे इसके पुनरुद्धार को लेकर प्रतिबद्ध हैं. पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सुनील मेहता ने कहा कि अंतरिम वित्तपोषण मुहैया कराने के लिए चर्चा चल रही है. उन्होंने कहा, "कर्जदाता जेट एयरवेज को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. एसबीआई और एसबीआई कैपिटल एक पैकेज पर काम कर रही है, लेकिन इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है."

जेट एयरवेज को तुरंत फंड की जरूरत
जेट एयरवेज कर्जदाताओं से 1,500 करोड़ रुपये के अंतरिम वित्त पोषण प्राप्त करने का इंतजार कर रही है. एयरलाइन के प्रबंधन ने सोमवार को बैंकों के साथ इस संबंध में चर्चा की थी, लेकिन उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला. इसके कारण एयरलाइन को अपना अंतर्राष्ट्रीय परिचालन का निलंबन और बढ़ाने को मजबूर होना पड़ा. एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कर्मचारियों को लिखा, "अंतरिम निधि फिलहाल नहीं मिली है, जिसके कारण हमने अंतर्राष्ट्रीय परिचालन का निलंबन गुरुवार (19 अप्रैल) तक के लिए बढ़ा दिया है."

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नरेश गोयल जेट एयरवेज की दौड़ से बाहर
इस बीच, नरेश गोयल अब दोबारा शायद जेट एयरवेज से नहीं जुड़ पाएंगे क्योंकि संभावित निवेशकों ने उनकी प्रविष्टि पर आपत्ति जताई है. जानकार सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. कहा जा रहा है कि अन्य बोलीदाताओं के विरोध के मद्देनजर गोयल ने जेट एयरवेज की बोली प्रक्रिया से अपना नाम वापस ले लिया है. उद्योग सूत्रों के मुताबिक अगर गोयल को संकटग्रस्ट एयरलाइन के लिए बोली लगाने की अनुमति दी जाती तो एतिहाद और टीजीपी कैपिटल बोली प्रक्रिया से नाम वापस ले सकती थीं.

कर्जदाताओं द्वारा आपत्ति के बाद गोयल ने कदम वापल लिए
कर्जदाताओं द्वारा आपत्ति जताने के बाद बोली वापस लेने से पहले गोयल एक बार फिर एयरलाइन की कमान अपने हाथ में लेने के लिए दो विदेशी निकायों के समर्थन से जेटएयर प्राइवेट लिमिटेड के जरिए बोली लगा रहे थे. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई वाले बैंकों का कंसोर्टियम फिलहाल एयरलाइन में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में है, ताकि 8,400 करोड़ रुपये के कर्ज की वसूली की जा सके.

निवेशकों की शॉर्ट लिस्टिंग जारी
एसबीआई की मर्चेट बैंकिंग इकाई एसबीआई कैप वर्तमान में उन निवेशकों को शार्टलिस्ट कर रही है, जो अप्रैल अंत तक अपना प्रस्ताव पेश कर सकेंगे. एसबीआई ने सोमवार को एक बयान में कहा था कि संभावित बोलीदाताओं को जल्द ही शार्टलिस्ट कर लिया जाएगा और एसबीआई कैप का कानूनी दल निवेशकों से प्राप्त ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) पर काम कर रहा है.