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जेटली ने कहा, ईजी ऑफ डुइंग बिजनेस इंडेक्स में टॉप 50 में आ सकता भारत

अरुण जेटली ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की वार्ताओं में व्यापार सुगमता के अलावा ज्यादातर क्षेत्रों में अधिक प्रगति नहीं हुई है.

जेटली ने कहा, ईजी ऑफ डुइंग बिजनेस इंडेक्स में टॉप 50 में आ सकता भारत
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार (27 जनवरी) को कहा कि कर विभाग सहित विभिन्न मशीनरियां मिलकर प्रयास करें तो विश्व बैंक के व्यापार सुगमता सूचकांक भारत की रैंकिंग में सुधार बहुत ही संभव है. उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की वार्ताओं में व्यापार सुगमता के अलावा ज्यादातर क्षेत्रों में अधिक प्रगति नहीं हुई है. अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस पर एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि इस बारे में अंतरराष्ट्रीय समझौते के बिना भी, यह हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था के व्यापक फायदे व हित में है कि व्यापार सुगमीकरण हो.’ व्यापार सुगमता सूचकांक में भारत की सफलता का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि बीते तीन साल में भारत 142वें स्थान से बढ़कर 100वें स्थान पर आ गया है और एक ही साल में उसने 30 पायदान की उछाल भरी है.

भारत फिलहाल 142वें स्थान पर है  
उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने हमारे लिए एक लक्ष्य तय किया है कि हमें शीर्ष 50 में आने की कोशिश करनी होगी और इसमें आना होगा. इसलिए ऐसे समय में जबकि आप 142वें स्थान पर हैं, शीर्ष 50 में आना कुछ न कुछ तो चुनौतीपूर्ण है ही.’ उन्होंने कहा कि विश्व बैंक जिन दस मानकों की कसौटी रखता है उनमें से वास्तव में तीन में सुधार की जरूरत है जिनमें एक तो जमीन व भवनों की स्थानीय निकाय मंजूरी से जुड़ी है. दूसरी सीमापारीय व्यापार व तीसरी अनुबंध कार्यान्वयन है. जेटली ने कहा कि इन मानकों पर हालात में सुधार ज्यादा मुश्किल नहीं है. वित्त सचिव हसमुख अधिया ने सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे व्यापार सुगमता मनकों पर भारत की रैंकिंग सुधारने का प्रयास करें.

GST प्रणाली में स्थिरता आ चुकी है, दरों में बदलाव का संकेतः अरुण जेटली

वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा​ कि माल व सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली बहुत ही छोटे समय में स्थिर हो गई है जिससे इसके आधार के विस्तार तथा भविष्य में दरों को और युक्तिसंगत बनाए जाने की गुंजाइश बनी है. यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जीएसटी से देश में अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में आमूल चूल बदलाव आया है. वित्त मंत्री ने कहा कहा कि कई दूसरे देशों की तुलना में भारत में जीएसटी प्रणाली बहुत ही कम समय में ही स्थिर हो गई है. 

अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जेटली ने कहा, इससे हमारे पास मौका है कि हम आने वाले समय में इसके (जीएसटी) आधार को बढ़ाएं तथा ढांचे को और अधिक युक्तिसंगत बनाएं. इस समय जीएसटी प्रणाली में कर की चार स्तर की करें (Taxes) लागू हैं. ये दरें पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत व 28 प्रतिशत की है.

(इनपुट एजेंसी से भी)