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सिर्फ एक क्लिक पर 100 तत्काल टिकट की बुकिंग, सॉफ्टवेयर से होता है 'खेल'

इंडियन रेलवे ने आईआरसीटीसी से तत्काल टिकट बुक करने वाले एक रैकेट को पकड़ा है. सेंट्रल रेलवे ने सलमान नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसे इस रैकेट का मास्टमाइंड बताया जा रहा है.

सिर्फ एक क्लिक पर 100 तत्काल टिकट की बुकिंग, सॉफ्टवेयर से होता है 'खेल'
काउंटर सॉफ्टवेयर के जरिए बुक किए जाते थे तत्काल ई-टिकट.

नई दिल्ली: इंडियन रेलवे ने आईआरसीटीसी से तत्काल टिकट बुक करने वाले एक रैकेट को पकड़ा है. सेंट्रल रेलवे ने सलमान नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसे इस रैकेट का मास्टमाइंड बताया जा रहा है. यह रैकेट अनधिकृत सॉफ्टवेयर 'काउंटर' के द्वारा चंद सेकंड में सैकड़ों तत्काल टिकट बुक कर देता था. रैकेट के मास्टरमाइंड सलमान खान को ठाणे में गिरफ्तार कर लिया गया. उसके पास ई-टिकट बुक करने का लाइसेंस भी नहीं है. उसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है. काउंटर सॉफ्टवेयर के जरिए बुक किए गए तत्काल ई-टिकट रेलवे ने ब्लॉक कर दिए. यानी जिनके पास ये रद्द किए जा चुके टिकट हैं, वे अब यात्रा नहीं कर सकेंगे.

सिस्टम हैक करके बुक करता था टिकट
रेल अधिकारियों ने बताया कि काउंटर सॉफ्टवेयर के जरिए सलमान रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम को हैक कर लेता था. वह माउस के सिर्फ एक क्लिक से एक बार में 100 कंफर्म तत्काल ई-टिकट बुक कर लेता था. किसी को शक न हो, इसके लिए अपने कंप्यूटर का पासवर्ड बार-बार बदल देता था. बताया जा रहा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा तत्काल ई-टिकट रैकेट है. पहली बार इतनी बड़ी संख्या में ई-टिकट भी ब्लॉक किए गए हैं.

सॉफ्टवेयर का करता था इस्तेमाल
आरपीएफ की गिरफ्त में सलमान से और रैकेट का खुलासा होने की उम्मीद है. उसने फिलहाल पूछताछ में जो खुलासे किए हैं उसने अथॉरिटी को हैरान कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, सलमान ने बातया कि वह एक सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करता था. इसके जरिए वह आईआरसीटीसी की वेबसाइट को हैक करके टिकट बुक करता था. सूत्रों के अनुसार सलमान के देशभर में एजेंटों को टिकट बनाकर देता था. उससे करीब 5400 एजेंट जुड़े हुए थे. वह प्रति टिकट 700 रुपए अतिरिक्त लेता था.

कैसे काम करता है सॉफ्टवेयर
तत्काल बुकिंग खुलने से पहले ही काउंटर सॉफ्टवेयर में पहले से ही यात्रियों की डिटेल्स भर ली जाती थीं. 10 बजे बुकिंग शुरू होते ही डाटा को IRCTC वेबसाइट पर ऑटोमैटिकली ट्रांसफर कर दिया जाता था. इसमें ट्रेन, यात्रा की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी होती थीं. इस तरह तत्काल टिकट बुक कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े लोगों से पहले टिकट बुक कर ली जाती थी. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सॉफ्टवेयर खुद सलमान ने डिजाइन किया था. इसके इस्तेमाल बिल्कुल IRCTC की वेबसाइट की तरह ही होता है, लेकिन जानकारी पहले ही भर ली जाती है.

एक महीने में सॉफ्टवेयर के 2500 डाउनलोड
सलमान तत्काल बुकिंग के लिए उन्हें सॉफ्टवेयर देता था जो उस पैसे देते थे. एक महीने में ही 2500 कम्प्यूटर पर सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया गया. हर सॉफ्टवेयर के इंस्टॉल पर वह 700 रुपए चार्ज करता था. उसने कबूल किया है कि वह पिछले कुछ महीने से इस सॉफ्टवेयर की मदद से तत्काल बुकिंग का रैकेट चला रहा था.