पिछले दो महीने से देरी से चल रही हैं 20% से ज्यादा राजधानी और शताब्दी गाड़ियां : सरकार

सरकार ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच व्यापक पैमाने पर रेलमार्गों के रखरखाव का काम चल रहा था, जिसके कारण रेलगाड़ियों का समय से परिचालन प्रभावित हुआ है. 

पिछले दो महीने से देरी से चल रही हैं 20% से ज्यादा राजधानी और शताब्दी गाड़ियां : सरकार
फाइल फोटो

नई दिल्ली:  पिछले दो महीने से ज्यादा समय से 20 प्रतिशत से ज्यादा राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस रेलगाड़ियां देरी से चल रही है. रेल राज्यमंत्री राजन गोहेन ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय से क्रमश: 30 और 22 प्रतिशत देरी से चल रही हैं.

रेल राज्यमंत्री ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच व्यापक पैमाने पर रेलमार्गों के रखरखाव का काम चल रहा था, जिसके कारण रेलगाड़ियों का समय से परिचालन प्रभावित हुआ है. गोहेन ने बताया कि अप्रैल से जून 2018 के दौरान रेलमार्ग के रखरखाव का काम 46056 घंटे तक चला. यह पिछले साल की तुलना में 11.89 प्रतिशत अधिक था.

उन्होंने बताया कि देरी से चल रही रेलगाड़ियों का समय से परिचालन सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय के कर्मचारियों को इस बारे में संवेदनशील बनाने और रेलमार्ग के रखरखाव का काम जल्द पूरा करने सहित अन्य उपाय किए जाएंगे. 

उन्होंने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य क्षेत्र में 70 प्रतिशत राजधानी एक्सप्रेस और पूर्वी क्षेत्र में 64 प्रतिशत शताब्दी एक्सप्रेस रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं. दक्षिण मध्य क्षेत्र में सभी राजधानी एक्सप्रेस रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं जबकि दक्षिण पूर्व क्षेत्र में सर्वाधिक 92 प्रतिशत शताब्दी एक्सप्रेस रेलगाड़ियां समय से चल रही हैं.

ट्रेनों के शौचालयों में आपात बटन लगाने की कोई योजना नहीं
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सुझाव पर रेलगाड़ियों में महिला सुरक्षा के मद्देनजर शौचालयों में आपात बटन लगाने का रेल मंत्रालय की फिलहाल कोई योजना नहीं है. रेल राज्य मंत्री राजन गोहेन ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि महिला यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाने संबंधी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सुझावों में रेलगाड़ियों के शौचालयों को आपात बटन से लैस करने का भी सुझाव मिला था. 

उन्होंने कहा कि रेलगाड़ी को आपात स्थिति में रोकने के लिए प्रत्येक डिब्बे में अलार्म चेन सिस्टम की सुविधा पहले से दी जा रही है इसलिये आपात बटन लगाने के विचार पर फिलहाल विचार नहीं किया गया है. 

रेलगाड़ियों में स्वच्छता से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में गोहेन ने बताया कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने आवश्यकता के अनुरुप सिविल और इलेक्ट्रिक कार्य करके अपने 16 रसोईघरों को उन्नत किया है. इनमें भारी मात्रा में भोजन तैयार करने के लिये कोर किचन उपकरण स्थापित किये हैं. 

उन्होंने रेल सेवा को उन्नत बनाने से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि रेल मंत्रालय ने यूरोप के सबसे बड़े रेल नेटवर्क के रुप में जर्मन रेलवे के अध्ययन के लिये रेलवे के 40 प्रोबेशनर अधिकारियों को पिछले महीने बर्लिन भेजा था. इसका मकसद रेल प्रणाली को एडवांस बनाने का अध्ययन करना था.

(इनपुट - भाषा)

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