रिजर्व बैंक ने 2017-18 के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 6.7 % किया

रिजर्व बैंक ने अपनी चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में वृद्धि की रफ्तार कमजोर पड़ना और खरीफ फसल उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान कम आना आर्थिक परिदृश्य में गिरावट के शुरुआती संकेत देते हैं. 

रिजर्व बैंक ने 2017-18 के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 6.7 % किया
छह सदस्यीय एमपीसी द्वारा की गई समीक्षा के ब्योरे के अनुसार सकारात्मक पहलू यह है कि कंपनियां तीसरी तिमाही में व्यापार माहौल सुधरने की उम्मीद कर रही हैं. (file)

मुंबई: रिजर्व बैंक ने जीएसटी से जुड़े मुद्दों और खरीफ उत्पादन अनुमान कम रहने के कारण वित्त वर्ष 2017-18 के लिये आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है. पहले इसके 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था. रिजर्व बैंक ने अपनी चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में वृद्धि की रफ्तार कमजोर पड़ना और खरीफ फसल उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान कम आना आर्थिक परिदृश्य में गिरावट के शुरुआती संकेत देते हैं. उसने कहा कि जीएसटी के क्रियान्वयन का प्रतिकूल प्रभाव भी अब तक बना हुआ है ऐसा जान पड़ता है. इससे अल्पकाल में विनिर्माण क्षेत्र के लिए संभावना अनिश्चित जान पड़ती है. 

क्या कहना है रिजर्व बैंक का...
रिजर्व बैंक के अनुसार, ‘‘इससे निवेश गतिविधियों में और देरी हो सकती है जो बैंकों और कंपनियों के बही-खातों पर दबाव के कारण पहले से प्रभावित है.’’केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि उसने दूसरी तिमाही में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों का सर्वे किया जिससे ग्राहकों का भरोसा और कुल मिलाकर व्यापार आकलन कमजोर होने का पता चला.

छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा की गयी समीक्षा के ब्योरे के अनुसार सकारात्मक पहलू यह है कि कंपनियां तीसरी तिमाही में व्यापार माहौल सुधरने की उम्मीद कर रही हैं. इस ब्योरे को आरबीआई की वेबसाइट पर डाला गया है. उसने कहा, ‘‘उक्त कारकों को ध्यान में रखकर वित्त वर्ष 2017-18 के लिए सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) वृद्धि दर के अनुमान को अगस्त 2017 के 7.3 प्रतिशत से कम कर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया है. इसमें जोखिम दोनों तरफ बराबर है.’’

केंद्रीय बैंक ने आगे कहा कि आने वाले समय में खाद्य वस्तुओं की कीमतों का आकलन काफी अनुकूल जान पड़ता है. हालांकि खरीफ उत्पादन के पहले अग्रिम अनुमान को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है.