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ओला-ऊबर की कैब सर्विस के चलते ऑटो सेक्टर में आई मंदी: निर्मला सीतारमण

पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग बीएस6 (BS6) कैटेगरी के वाहनों की बिक्री में आई कमी के चलते प्रभावित हुआ है. 

ओला-ऊबर की कैब सर्विस के चलते ऑटो सेक्टर में आई मंदी: निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐप आधारित कैब सर्विस को ऑटो सेक्टर में मंदी के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने ऑटो सेक्टर (Auto sector) में आई मंदी (Recession) के लिए ऐप आधारित कैब सर्विस को जिम्मेदार ठहराया है. मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग बीएस6 (BS6) कैटेगरी के वाहनों की बिक्री में आई कमी के चलते प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा देश का युवावर्ग नई गाड़ियां खरीदने के बजाय ओला (OLA)-ऊबर (Uber) जैसी ऐप आधारित कैब सर्विस का उपयोग कर रही है, जिसके चलते इस सेक्टर में मंदी (Recession) दिख रही है.

देश का ऑटो-मोबाइल सेक्टर पिछले 21 सालों में सबसे कम बिक्री का सामना कर रही है. अगस्त महीने में 1997-98 के बाद सबसे कम बिक्री दर्ज की गई है. इस बीच सरकार की ओर से ऑटो इंडस्ट्री में सुस्ती को लेकर खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सफाई दी है.

इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री ने शुक्रवार को कहा था कि ऑटोमोबाइल के लिए दर कटौती जीएसटी काउंसिल तय करेगी. उल्लेखनीय है कि ऑटो सेक्टर (Auto sector) मंदी (Recession) के दौर से गुजर रहा है. दिग्गज वाहन निर्माता कंपनियों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई.

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केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटाने के उद्योग के प्रस्ताव को जीएसटी परिषद में रखने के लिए तैयार है. वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यहां एसीएमए के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि सरकार को जीएसटी दर 28 फीसदी से घटाकर 18 प्रतिशत करने के संबंध में विभिन्न घटकों से कई आग्रह प्राप्त हुए हैं, जिसमें ऑटोमोबाइल डीलर, ओईएम और कार विनिर्माता शामिल हैं. उद्योग की मांग है कि खपत की मंदी (Recession) समाप्त करने के लिए जीएसटी को घटाकर 18 प्रतिशत किया जाए.

मंत्री ने ऑटो उद्योग के खिलाड़ियों से कहा कि वे राज्य के वित्तमंत्रियों से भी संपर्क करें और जीएसटी में बदलाव सिर्फ जीएसटी परिषद द्वारा ही किया जा सकता है. उन्होंने कहा, 'जीएसटी में कोई भी दर कटौती पहले जीएसटी फिटमेंट कमेटी मंजूर करेगी और उसके बाद जीएसटी परिषद. मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि राज्य के वित्तमंत्रियों से भी संपर्क करें, जो कि जीएसटी परिषद के सदस्य हैं. हम जीएसटी परिषद में इस मुद्दे को ले जाने के लिए तैयार हैं.' जीएसटी परिषद की बैठक 20 सितंबर को गोवा में होने वाली है.

इनपुट: ANI