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रिलायंस JIO को मिली एक और कामयाबी, Vodafone वालों को होगी निराशा

रेवेन्यू मार्केट शेयर (आरएमएस) के लिहाज से रिलायंस जियो ने अब वोडाफोन इंडिया को पीछे छोड़ते हुए दूसरा पायदान हासिल किया. अब वह सिर्फ भारती एयरटेल से पीछे है.

रिलायंस JIO को मिली एक और कामयाबी, Vodafone वालों को होगी निराशा

नई दिल्ली: रिलायंस जियो इंफोकॉम देश की दूसरी बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन गई है. रेवेन्यू मार्केट शेयर (आरएमएस) के लिहाज से रिलायंस जियो ने अब वोडाफोन इंडिया को पीछे छोड़ते हुए दूसरा पायदान हासिल किया. अब वह सिर्फ भारती एयरटेल से पीछे है. हालांकि, दोनों के बीच ज्यादा गैप नहीं है. जियो ने यह कामयाबी गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाकर हासिल की है. जियो का नेटवर्क ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से फैल रहा है. आरएमएस के मामले में उसे यहीं से बड़ा फायदा मिला है. कम दाम में सर्विस ऑफर करने की वजह से जियो की इनकम में भी बढ़ा इजाफा हुआ है.

22.4% पहुंचा रेवेन्यू मार्केट शेयर
पिछले दो साल में जियो ने जो कामयाबी हासिल की है, वह देश की दूसरी कंपनियों के मुकाबले तेजी से बढ़ी है. इसके पीछे कारण उसकी 4जी सर्विस है. जिसकी बदौलत रिलायंस जियो ने जून 2018 तिमाही में 22.4 फीसदी का रेवेन्यू शेयर हासिल किया. मार्च तिमाही की तुलना में जून क्वॉर्टर में कंपनी के रेवेन्यू मार्केट शेयर में 2.53 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई. यह जानकारी टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के फाइनेंशियल डाटा में दी गई है.

गिरा वोडाफोन का मार्केट शेयर
रिलायंस जियो को दूसरे पायदान पर पहुंचने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी. दरअसल, अब तक दूसरे पायदान पर काबिज वोडाफोन का आरएमएस मार्च तिमाही की तुलना में 1.75 फीसदी गिरकर 19.3 फीसदी रह गया. इसके अलावा आइडिया सेल्युलर का आरएमएस 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ 15.4 फीसदी रहा. एयरटेल के रेवेन्यू मार्केट शेयर में भी जून तिमाही में 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ अभी 31.7 फीसदी है. हालांकि, अनुमान लगाया जा रहा है कि एयरटेल और जियो दोनों का आरएमएस दूसरी तिमाही में भी बढ़ेगा. ऐसे में रिलायंस जियो को नंबर वन बनने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा. 

आइडिया-वोडाफोन के बाद होगी टक्कर
जियो ने मार्च तिमाही में आरएमएस के मामले में आइडिया को पीछे छोड़ा था. वहीं, जून तिमाही में उसने वोडाफोन को पीछे छोड़ा. आगे भी जियो का आरएमएस बढ़ने की संभवना है. लेकिन, इस बीच ही वोडाफोन-आइडिया का मर्जर होना है. दोनों के मर्जर के बाद वह हर लिहाज से देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी होगी. दोनों कंपनियों का आरएमएस मिलाकर 35 फीसदी से ज्यादा होगा. ऐसे में वह एयरटेल और जियो दोनों आगे होगी. ऐसे में जियो के लिए नंबर 1 तक पहुंचने में कड़ी चुनौतियां हैं.

जल्द पूरा होगा मर्जर
वोडाफोन-आइडिया के मर्जर को टेलीकॉम डिपार्टमेंट से मंजूरी मिल चुकी है. अब उसे सिर्फ कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मंजूरी का इंतजार है. उम्मीद जताई जा रही है कि मर्जर जल्द पूरा हो जाएगा. वहीं, जियो का प्रदर्शन बी और सी सर्किल में काफी अच्छा रहा है. जून तिमाही में कंपनी को सी सर्किल से बड़ा फायदा मिला है. कंपनी का एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) में तिमाही आधार पर 17.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इससे कंपनी का कुल AGR 17 फीसदी बढ़ा है. वहीं, यूजर्स के मामले में भी जियो 21.5 करोड़ यूजर्स को पार कर चुका है. यूजर्स के मामले में जियो अब चौथे नंबर पर है.