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रिलायंस इस शहर में अपना बिजली करोबार बेचेगी, जानें कौन सी कंपनी खरीदेगी

अनिल अंबानी को उम्मीद है कि अगले साल तक उनके समूह की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर मौजूदा कर्ज पूरी तरह खत्म हो जाएगा.

रिलायंस इस शहर में अपना बिजली करोबार बेचेगी, जानें कौन सी कंपनी खरीदेगी
अनिल अंबानी (फाइल फोटो)

मुंबई: रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को पूरा भरोसा है कि अगले साल तक उनके समूह की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर मौजूदा कर्ज पूरी तरह खत्म हो जाएगा. साथ ही रिलायंस पावर मुंबई शहर के अपने बिजली कारोबार को भी बेचने का फैसला कर चुकी है. बोर्ड की बैठक में इस बिक्री को मंजूरी दी गई है. कंपनी यह कारोबार अडाणी ट्रांसमिशन को 18000 करोड़ रुपये में बेचेगी.

डिफेंस कारोबार ग्रुप का बड़ा कारोबार हो जाएगा
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनिल अंबानी ने कहा कि आने वाले वर्षों में डिफेंस कारोबार ग्रुप का सबसे बड़ा कारोबार हो जाएगा. रिलायंस इन्फ्रा ने बताया कि बिजली कारोबार को बेचने संबंधी नियामकीय मंजूरियां, सीसीआई, कंपनी के शेयरधारकों और महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन से प्राप्त हो चुकी हैं. माना जा रहा है कि इस सौदे से कंपनी के 20,000 करोड़ रुपये के बकाए कर्ज में गिरावट होकर यह महज 7,500 करोड़ रुपये रह जाएगा. 

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देश में बिजली संकट की चुनौती
एक तरफ अगर रिलायंस ग्रुप ने मुंबई में अपने बिजली के कारोबार को बेचा तो इधर हाल में देश में बिजली संकट को लेकऱ भी सवाल उठे. फिलहाल देश में बिजली क्षेत्र से जुड़ी 34 कंपनियों पर बैंकों का करीब1.5 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है. इनमें कई कंपनियां देश के बिजली उत्‍पादन में योगदान करती हैं. इनमें जिंदल, जेपी पावर वेंचर, प्रयागराज पावर, झाबुआ पावर, केएसके महानंदी, कोस्‍टल एर्नजन समेत 34 बिजली कंपनियां शामिल हैं. 

50 हजार मेगावाट बिजली की कमी के आसार
अगर ये कंपनियां उत्‍पादन बंद कर देती हैं तो इससे देश में बिजली की बड़ी किल्‍लत हो जाएगी. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संसद की सबकमेटी ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि देश में 34 हजार मेगावाट बिजली उत्‍पादन पर संकट है. क्‍योंकि इन बिजली कंपनियों से या तो कोई बिजली खरीद नहीं रहा या इन्‍हें उत्‍पादन के लिए कोयला नहीं मिल रहा. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पूरे देश में 50 हजार मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है.