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क्या आपने Education Loan लिया है? तो एक्सपर्ट्स के इन 5 टिप्स को ना भूलें

तमाम बैंक एजुकेशन लोन 8.5 फीसदी से लेकर 16 फीसदी इंटरेस्ट रेट पर ऑफर करते हैं. इंटरेस्ट रेट क्या होगा यह लोन की राशि, कोर्स, कोर्स की अविध और री-पेमेंट ऑप्शन पर निर्भर करता है.

क्या आपने Education Loan लिया है? तो एक्सपर्ट्स के इन 5 टिप्स को ना भूलें
फाइल फोटो.

नई दिल्ली: शिक्षा महंगी हो गई है. अगर आप किसी भी अच्छे संस्थान में पढ़ने के लिए जा रहे हैं तो लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं. यहां तक कि सरकारी संस्थान IITs और IIMs की भी फीस बहुत ज्यादा है. अगर आप पढ़ने के लिए विदेश जाते हैं तो फीस की बात करना ही फिजूल है. लेकिन, छात्रों को पढ़ाई में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो इसलिए सभी बैंक एजुकेशन लोन ऑफर करते हैं. सरकार की तरफ से बैंकों को सख्त निर्देश है कि छात्रों को लोन देने में कोताही नहीं की जाए.

सहयोगी वेबसाइट ज़ीबिज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, तमाम बैंक एजुकेशन लोन 8.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट से लेकर 16 फीसदी इंटरेस्ट रेट तक ऑफर करते हैं. इंटरेस्ट रेट क्या होगा यह लोन की राशि, कोर्स, कोर्स की अविध और री-पेमेंट ऑप्शन पर निर्भर करता है. एजुकेशन लोन चुकाने पर सेक्शन 80(E) के तहत टैक्स बेनिफिट भी मिलता है. ऐसे में एक्सपर्ट की राय के आधार पर, अगर कोई छात्र लोन ले रहा है तो उसे कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए.

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1. लोन लेने से पहले बैंकों से जाकर संपर्क करें और यह पता लगाएं कि कौन सा बैंक बेस्ट ऑफर कर रहा है.

2. री-पेमेंट की अवधि जितनी ज्यादा होगी, इंटरेस्ट रेट उतना ज्यादा होगा. इसलिए, लोन फाइनल होने से पहले सभी टर्म एंड कंडीशन को ध्यान से पढ़ें.

3. अमूमन स्टूडेंट लोन 8-10 सालों के लिए होता है. लेकिन, पैरेंट्स अगर लोन चुकाने में बच्चों की मदद करते हैं तो यह सुविधा उपलब्ध है. उन्हें टैक्स बेनिफिट भी मिलेगा. साथ ही बैंक इंटरेस्ट रेट भी कम चार्ज करेंगे.

4. पढ़ाई पूरी होने के बाद जैसे ही जॉब मिलती है, लोन चुकाने के लिए तैयार हो जाएं. क्योंकि उसके बाद ग्रेस पीरियड नहीं रहता है. शुरुआत में जब कोई कमाना शुरू करता है तो वह मौज-मस्ती में पैसे खर्च करना चाहता है. अगर आप शुरू से लोन चुकाएंगे तो फाइनेंशियल हेल्थ के लिहाज से यह अच्छा होगा. आपको जिम्मेदारी का अहसास होगा और कमाई का सदुपयोग होगा.

5. EMI भरने के दौरान इस बात का जरूर ध्यान रखें कि यह मिस नहीं हो. क्योंकि, इससे सिबिल पर भी असर होता है. दूसरी तरफ, लगातार लोन चुकाने से इंटरेस्ट रेट घटता जाएगा और छात्र बहुत जल्द टेंशन फ्री हो जाएंगे. एक्सपर्ट हमेशा यही सलाह देते हैं कि लोन किसी भी तरह का क्यों न हो, अगर फाइनेंशियल ग्रोथ चाहिए तो EMI चुकाने में देरी नहीं होनी चाहिए. नहीं तो फाइन भरते-भरते थक जाएंगे, लेकिन लोन अमाउंट कभी खत्म नहीं होगा.